2213 चापाकलों में जोड़ा जा रहा राइजर पाइप
Updated at : 11 Apr 2019 5:17 AM (IST)
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बिहारशरीफ : गत कई वर्षों से पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने का असर अब जिले में दिखने लगा है. भू-जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है. इसके कारण बोरिंग व चापाकल लगातार फेल होता जा रहा है. इसके कारण जहां सिंचाई के साधन सीमित होते जा रहे हैं, वहीं पेयजल संकट पैदा होता जा […]
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बिहारशरीफ : गत कई वर्षों से पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने का असर अब जिले में दिखने लगा है. भू-जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है. इसके कारण बोरिंग व चापाकल लगातार फेल होता जा रहा है. इसके कारण जहां सिंचाई के साधन सीमित होते जा रहे हैं, वहीं पेयजल संकट पैदा होता जा रहा है.
जिले के कई भागों से पेयजल से संबंधित शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन के साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) के कान खड़े हो गये हैं. जिला प्रशासन ने पीएचइडी के कार्यपालक अभियंताओं को इस संबंध में सख्त निर्देश के साथ ही लोगों की समस्या का निराकरण करने का आदेश दिया गया है.
पीएचइडी के बिहारशरीफ डिवीजन में अब तक करीब 1263 ऐसे चापाकलों की पहचान की गयी है, जिसमें राइजिंग पाइप जोड़ने की जरूरत है. पीएचइडी ने इनमें से 963 चापाकलों में राइजिंग पाइप लगाकर पाइप की गहराई बढ़ा दी है.
करीब 300 और चापाकलों में राइजिंग पाइप जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है. हिलसा डिवीजन में 950 चापाकलों की पहचान की गयी है, जिसमें राइजिंग पाइप जोड़ने की जरूरत है. विभाग द्वारा 950 चापाकलों में से 492 चापाकलों में राइजिंग पाइप जोड़ने का काम पूरा किया जा चुका है. अन्य चापाकलों में राइजिंग पाइप जोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है.
बिहारशरीफ डिवीजन के तीन प्रखंडों में शिकायत ज्यादा : बिहारशरीफ डिवीजन के तीन प्रखंडों में भू-जल स्तर गिरने व चापाकल फेल होने की शिकायतें ज्यादा मिल रही हैं. बेन, सिलाव व बिहारशरीफ प्रखंड में इस तरह की शिकायतें सबसे अधिक हैं, जबकि हरनौत, सरमेरा, बिंद, अस्थावां आदि प्रखंडों में इस तरह की शिकायत नाममात्र की है. इसको ध्यान में रखते हुए राइजिंग पाइप जोड़ने का काम तेज कर दिया गया है.
हिलसा डिवीजन में चार प्रखंडों में शिकायत ज्यादा :
हिलसा डिवीजन के चार प्रखंडों एकंगरसराय, इस्लामपुर, परवलपुर व थरथरी प्रखंड में चापाकल फेल होने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं, जबकि हिलसा, नगरनौसा, चंडी, करायपरशुराय आदि प्रखंडों में इस तरह की शिकायत नाममात्र की है.
चापाकलों के पाइप की गहराई 70 से 80 फुट किया जा रहा :
भू-जल स्तर के गिरने के कारण फेल हो रहे चापाकलों में राइजिंग पाइप जोड़कर उसे चालू किया जा रहा है. इन चापाकलों के पाइप की गहराई 70 से 80 फुट की जा रही है. बिहारशरीफ डिवीजन में चापाकलों के पाइप की गहराई 70 फुट की जा रही है. वहीं हिलसा डिवीजन में चापाकलों के पाइप की गहराई 80 फुट की जा रही है. चापाकलों के पाइप की इतनी गहराई होने से चार-पांच वर्षों तक भू-जल स्तर के गिरने का असर चापाकलों पर नहीं पड़ेगा.
नियंत्रण कक्ष की हुई स्थापना :
पेयजल की शिकायतों में दर्ज करने के लिये जिलास्तर नियंत्रण कक्ष बनाये गये हैं. जहां कहीं भी पेयजल से संबंधी कोई शिकायत हो तो नियंत्रण कक्ष में इसकी शिकायत दर्ज करायी जा सकती है. नियंत्रण कक्ष के लिये एक टॉल फ्री नंबर भी जारी किया गया है. नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर- 06112-230071
टॉल फ्री नंबर- 18001231121
क्या कहते हैं अधिकारी
गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर के खिसकने से उत्पन्न पेयजल संकट से निबटने के लिए चापाकल की मरम्मत के साथ ही चापाकलों में राइजिंग पाइप जोड़कर गहराई बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है. अब बिहारशरीफ डिवीजन में 963 चापाकलों में व हिलसा में 492 चापाकलों में राइजिंग पाइप जोड़कर उसे चालू किया गया है.
मनोज कुमार, कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी, बिहारशरीफ
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