सांप डसने पर झाड़-फूंक के फेर में नहीं पड़ें, जा सकती है जान
Updated at : 02 Aug 2018 4:13 AM (IST)
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अस्पतालों में उपलब्ध है एंटीवेनम वैक्सीन बिहारशरीफ : बरसात के मौसम में जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गयी हैं. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से आये दिन मौत होने की खबरें मिल रही हैं. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाल के दिनों में सांप के डसने से करीब आधा दर्जन लोगों की मौत होने […]
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अस्पतालों में उपलब्ध है एंटीवेनम वैक्सीन
बिहारशरीफ : बरसात के मौसम में जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गयी हैं. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश से आये दिन मौत होने की खबरें मिल रही हैं. जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाल के दिनों में सांप के डसने से करीब आधा दर्जन लोगों की मौत होने चुकी है. ग्रामीण क्षेत्र के लोग सांप डसने के बाद चिकित्सक से इलाज कराने के पहले झाड़-फूंक का सहारा लेने लगते हैं. इस कारण एेसे लोगों की मौत भी हो जाती है. जिले के अस्पतालों में सर्पदंश की समुचित इलाज की व्यवस्था है. लेकिन समय पर इस व्यवस्था का लाभ पीड़ित लोग समय पर नहीं उठा पा रहे हैं. इसमें लापरवाही बरतना घातक हो सकता है .तत्परता के साथ पीड़ित को सीधे इलाज के लिए जिले के निकटवर्ती अस्पतालों में ले जाकर चिकित्सा कराना चाहिए. जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के बाद दी जानी वाली दवा व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं.यह इंजेक्शन जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है.
सर्पदंश के बाद क्या करें
सर्पदंश होने के बाद घबराएं नहीं
सबसे पहले मरीज के शरीर के उस भाग को साबुन से धोकर साफ करें, जहां सर्पदंश हुआ है
सर्पदंश होने के बाद मरीज को अपने नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएं
सर्पदंश होने के 12- 14 घंटे तक मरीज को सोने नहीं दें
जब तक चिकित्सक कहे तब तक अस्पताल में रहे
झाड़-फूंक, तंत्र- मंत्र के चक्कर में नहीं पड़े और चिकित्सक की सलाह ले
सर्पदंश होने के बाद शरीर में विष फैलने पर ही स्नैक बाइक निरोधी इंजेक्शन लगाया जाता है
विष फैलने का लक्षण
सर्पदंश होने के बाद शरीर में विष फैलने पर गला बैठने लगता है
आंख की रोशनी कम होने लगती है
मरीज के आवाज में परिवर्तन होने लगता है
मरीज के मुंह से झाग निकलने लगता है
मरीज के शरीर का रंग बदलने लगता है
नये ब्लेड से लगाएं चीरा : डॉक्टर
चिकित्सक डॉ सियाशरण प्रसाद का कहना है कि यदि सांप डस लेता है, तो जिस जगह पर डसा है उसके ऊपर तुरंत किसी चीज से कसकर बांध दें. साथ ही जहां सांप डसा है उस जगह ब्लड से चीरा लगा दें, ताकि उस जगह का खून बाहर निकल सके. इस प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाकर चिकित्सक से इलाज करायें. समय पर चिकित्सक से इलाज कराने पर जान बच सकती है. लोग झाड़-फूंक के चक्कर में कदापि नहीं पड़े. अंधविश्वास में नहीं पड़े.इसका सीधे तौर पर इलाज करायें.
जिले के सभी अस्पतालों में उपलब्ध है एंटीवेनम वैक्सीन : प्रभारी उपाधीक्षक
सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक रामकुमार प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल समेत जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सांप डसने के बाद दिये जानेवाला इंजेक्शन उपलब्ध है. यह एभीएस पीड़ित लोगों को नि:शुल्क दिया जाता है. समय पर इलाज कराने से पीड़ित चंगा हो जाते हैं. सदर अस्पताल में इसकी चिकित्सा की मुकम्मल व्यवस्था है. साथ ही जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में उक्त टीका सहज रूप से उपलब्ध है.
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