विश्व शांति स्तूप विश्व को दे रहा मैत्री व शांति का संदेश

Updated at : 23 Nov 2017 8:07 AM (IST)
विज्ञापन
विश्व शांति स्तूप विश्व को दे रहा मैत्री व शांति का संदेश

रत्नागिरि पर्वत पर स्थित विश्व शांति स्तूप देश विदेश के पर्यटकों का है आकर्षण का केंद्र अब भी शांति व दैविकता का अहसास करा रहा शांति स्तूप बिहारशरीफ. आज की भागम-भाग वाली दुनिया में लोगों के पास जिंदगी के लिए वक्त नहीं है, हर खुशी है लोगों के दामन में, पर एक हंसी के लिए […]

विज्ञापन
रत्नागिरि पर्वत पर स्थित विश्व शांति स्तूप देश विदेश के पर्यटकों का है आकर्षण का केंद्र
अब भी शांति व दैविकता का अहसास करा रहा शांति स्तूप
बिहारशरीफ. आज की भागम-भाग वाली दुनिया में लोगों के पास जिंदगी के लिए वक्त नहीं है, हर खुशी है लोगों के दामन में, पर एक हंसी के लिए वक्त नहीं है.
पौराणिक वे ऐतिहासिक स्थलों की सैर व भ्रमण से शरीर में ताजगी व नयी ऊर्जा का संचार होता है और सालों साल की थकान दूर हो जाती है. सैर करने के लिए सर्दी का मौसम सबसे उपयुक्त होता है.
सैर व भ्रमण करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रभात खबर लगातार ऐतिहासिक, पौराणिक व धार्मिक स्थलों पर खबर छाप रहा है. इसी कड़ी में आज हम भगवान बुद्ध से जुड़े स्थल राजगीर के रत्नागिरि पर्वत पर स्थित विश्व शांति स्तूप की जानकारी आपको दे रहे हैं. राजगीर के रत्नागिरि पर्वत पर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और आस्था का केंद्र है. इस विश्व शांति स्तूप का निर्माण 1978 में गौतम बुद्ध की 2600 जयंती के मौके पर किया गया था.
जापान के फूजी गुरुजी के प्रयास से इसका निर्माण कराया गया था. इसका डिजाइन वास्तुकार उपेंद्र महारथी ने तैयार किया था. स्तूप का गुंबद 72 फुट ऊंचा है. भगवान बुद्ध ने इसी स्थल से विश्व को शांति का उपदेश दिया था. यहां हर वर्ष विश्व शांति स्तूप का वार्षिकोत्सव मनाया जाता है. इस अवसर पर देश-विदेश के बौद्ध भिक्षु बड़ी संख्या में यहां जमा होते हैं.
एक रोपवे और दूसरा सीढ़ी के माध्यम से पैदल. रत्नागिरि पर्वत के पास ही गृद्धकूट पर्वत है. इस पर्वत पर भगवान बुद्ध ने कई महत्वपूर्ण उपदेश दिये थे. भगवान बुद्ध का यह प्रिय स्थल रहा है. बुद्धत्व प्राप्ति के बाद गौतम बुद्ध ने बौद्ध भिक्षुओं को कई साल बरसात के मौसम में प्रेरणात्मक उपदेश दिया था. विश्व शांति स्तूप शांति व मैत्री का प्रतीक है. यहां भगवान बुद्ध की चार सुनहरी प्रतिमाएं हैं. राजगीर के अपने लंबे प्रवास के दौरान बुद्ध ने इसी चोटी पर ध्यान लगाया था.
विशाल सफेद स्तूप शांति का अहसास करता है और इससे राजगीर घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगता है. विश्व शांति स्तूप अध्यात्म की बुलंदियों को स्पर्श करने का एक शानदार जगह है.
राजगीर एक ऐसी जगह है, जो सभी धर्मों को एक साथ जोड़ती है और यह संदेश देता है कि सब लोग भाई चारे के साथ आपस में मिल-जुलकर रह सकते हैं. आप चाहे जिस भी धर्म के हो, आपको राजगीर में निश्चित तौर पर शांति का अहसास और दैविकता से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन