बिना जिओ टैगिंग के भुगतान नहीं

Updated at : 06 Nov 2017 8:55 AM (IST)
विज्ञापन
बिना जिओ टैगिंग के भुगतान नहीं

अिधकारी ले रहे निर्माण कार्य का जायजा बिहारशरीफ : अब जीओ टैगिंग के बाद ही शौचालय निर्माण की राशि का भुगतान हो सकेगा. विभाग के पोर्टल में भी ऐसी व्यवस्था कर दी गयी है. शौचालय बनाये जाने के बाद निर्माण स्थल से फोटो लेकर पोर्टल पर डालना होगा. अगर शौचालय का निर्माण पूर्ण रूप से […]

विज्ञापन
अिधकारी ले रहे निर्माण कार्य का जायजा
बिहारशरीफ : अब जीओ टैगिंग के बाद ही शौचालय निर्माण की राशि का भुगतान हो सकेगा. विभाग के पोर्टल में भी ऐसी व्यवस्था कर दी गयी है. शौचालय बनाये जाने के बाद निर्माण स्थल से फोटो लेकर पोर्टल पर डालना होगा. अगर शौचालय का निर्माण पूर्ण रूप से नहीं किया गया और उसे विभाग के द्वारा जारी किये गये पोर्टल लोड करने का प्रयास किया गया तो ऐसा नहीं हो पायेगा. इसके तहत अब दूसरे का शौचालय दिखाकर पैसा हड़पना आसान नहीं होगा.
ऐसा करने वाले पकड़ में आ जायेंगे. मिशन के तहत निर्माण किये गये व निर्माण होने वाले शौचालय की अब जीओ टैगिंग की जायेगी. जिले में मिशन मोड में जीआे टैगिंग का कार्य जारी है. इस कार्य की मॉनीटरिंग करने के लिये स्थानीय बीडीओ व जिला स्तर पर वरीय डिप्टी कलेक्टरों को जिम्मेदारी दी गयी है. जीओ टैगिंग करने वाले कर्मी के लिए पारिश्रमिक का भी निर्धारण किया गया है. एक शौचालय का जीओ टैगिंग करने पर पांच रुपये दिये जाने का प्रावधान है.
जिले में दो लाख पचास हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य है. डीएम डॉ त्यागराजन के निर्देश पर सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रखंडों में जाकर योजना में अब तक हुई प्रगति का जायजा ले रहे हैं. योजनाओं को समय पर पूरा कराने व योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा गया है. हर घर नल का जल कार्यक्रम के तहत जिले के 761 वार्डों में काम चल रहा है. अबतक 264 वार्डों में नल जल की योजनाएं पूरी भी हो चुकी है. घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है. पक्की गली नाली से संबंधित 1050 वार्डों में काम चल रहा है. 448 वार्डों में कार्य पूरा हो चुका है.
हर घर नल का जल एवं पक्की नाली गली से संबंधित योजनाओं पर अब तक 96 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. शौचालय विहीन ढाई लाख परिवारों में से 60,000 परिवारों के शौचालय बन चुके हैं. अब तक 44 पंचायत खुले में शौच मुक्त घोषित हुए हैं. खुले में शौच मुक्त घोषित वार्डों की कुल संख्या 818 है.
56 करोड़ की राशि खर्च : शौचालय निर्माण के मानदेय के रूप में अब तक 56 करोड़ की राशि व्यय हो चुकी है. डीएम सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को खास तौर से निर्देशित किया है कि शौचालयों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये. लाभुक अपना शौचालय खुद बनवाएं. इसे प्रोत्साहित करें व आवश्यकतानुसार उन्हें तकनीकी सहायता भी प्रदान करें.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन