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बीएड के परिणाम के विरोध में विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा, प्रदर्शन

Updated at : 20 Sep 2024 9:16 PM (IST)
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बीएड के परिणाम के विरोध में विश्वविद्यालय में जमकर हंगामा, प्रदर्शन

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में शुक्रवार को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के स्टूडेंट्स ने प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में गड़बड़ी व कॉपी जांच में अनियमितता के विरोध में छात्रों ने जमकर हंगामा किया.

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में शुक्रवार को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के स्टूडेंट्स ने प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में गड़बड़ी व कॉपी जांच में अनियमितता के विरोध में छात्रों ने जमकर हंगामा किया. छात्रों का कहना था कि उन्हें जान-बूझकर फेल कर दिया गया है. बिहार छात्र संघ के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति प्रो.डीसी राय, परीक्षा नियंत्रक डॉ सुबालाल पासवान समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. छात्रों ने विश्वविद्यालय का एक गेट भीतर से ताला जड़कर बंद करा दिया. वहीं दूसरे गेट के सामने बैठकर नारेबाजी करने लगे. करीब तीन घंटे तक प्रशासनिक भवन में अफरातफरी का माहौल रहा. सूचना पर विश्वविद्यालय थाने की पुलिस मौके पर पहुुंची. इस दौरान विश्वविद्यालय थानेदार से छात्रों की तीखी बहस भी हुई. इसके बाद भी छात्र नहीं माने और उनका प्रदर्शन जारी रहा. विश्वविद्यालय के पदाधिकारी भी छात्रों से मिलने पहुंचे पर छात्र उनकी बात से सहमत नहीं थे. हंगामा जारी देख जिला पुलिस की ओर से क्यूआरटी का दस्ता मौके पर पहुंचा. इसके बाद भी छात्र नहीं मान रहे थे. काफी देर तक हंगामा और प्रदर्शन के बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात की. उन्होंने अपनी मांगे कुलपति के समक्ष रखीं. कुलपति बोले- छात्र आरटीआइ से कॉपी लेकर देख लें, गड़बड़ी होगी तो जांच करायेंगे बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डीसी राय ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से बात की. कहा कि बीएड की कॉपियों को प्रतिष्ठित संस्थान के कुशल शिक्षकों ने जांचा है. इनमें करीब 10 प्रतिशत स्टूडेंट्स फेल हुए हैं. इन्हीं में से कई संस्थानों के सभी स्टूडेंट्स सफल हुए हैं. यह कहना कि जान बूझकर स्टूडेंट्स को फेल किया गया है. यह गलत बात है. यह धरना प्रायोजित है और कुछ लोग जबरन इसे हवा दे रहे हैं. संवैधानिक नियम के तहत बच्चे आरटीआइ से कॉपी लेकर देख लें. यदि इसके बाद भी लगता है कि रिटोटलिंग या किसी प्रश्न की मार्किंग नहीं की गयी है तो विश्वविद्यालय तीन शिक्षकों की कमेटी गठित कर इसकी जांच करायेगा. इसमें छात्र ही एक शिक्षक का नाम सुझाएं. दो शिक्षक विश्वविद्यालय की ओर से रहेंगे. उनकी रिपोर्ट के बाद गलतफहमी दूर हो जायेगी. छात्रों का आरोप- मोटी फीस लेकर कॉलेजों में नहीं होती पढ़ाई, कॅरियर से खिलवाड़ प्रदर्शन करने वाले छात्रों का कहना था कि इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स में मोटी फीस देकर उन्होंने नामांकन कराया है. इसके बाद भी न वहां नियमित कक्षाएं होती हैं और न कुशल शिक्षक हैं. ऐसे में बिना ठीक से पढ़े उनकी परीक्षा ली गयी. कॉपी जांच में भी गड़बड़ी का आरोप छात्र लगा रहे थे. इधर, प्रथम सेमेस्टर के साथ ही चतुर्थ, पांचवें और सातवें सेमेंस्टर के स्टूडेंट्स भी परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे. उनका कहना था कि कॉपियों की जांच ठीक से नहीं की गयी है. छात्रों का कहना थ कि कई छात्र एक या दो नंबर से फेल हो गये हैं. उन्हें ग्रेस अंक देकर पास किया जाये. प्रदर्शन में बिहार छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष करण सिंह, छात्र नेता ओम प्रकाश, विवेक पटेल, आशीष बिहार, उज्जवल सिंह, हिमांशु, अनुपम, यश राज, रितेश, अभिषेक, अंकज, सृष्टि कुमारी, प्रिया, ऋतु, सुरभि, श्वेता, अलका समेत अन्य उपस्थित हुए.

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