मतदाता पुनरीक्षण के बीच बढ़ी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की होड़, नगर निकाय से पंचायतों तक में भीड़

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मतदाता पुनरीक्षण के बीच बढ़ी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की होड़, नगर निकाय से पंचायतों तक में भीड़

मतदाता पुनरीक्षण के बीच बढ़ी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की होड़, नगर निकाय से पंचायतों तक में भीड़

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::: जन्म का साक्ष्य जुटाने में जुटे लोग, नगर निकायों व पंचायतों में उमड़ी भीड़

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

इन दिनों जिले में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है. एक तरफ जहां विधानसभा चुनाव से पहले गहन मतदाता पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है, वहीं दूसरी ओर जन्म का साक्ष्य (प्रूफ ऑफ बर्थ) प्रस्तुत करने की बढ़ती अनिवार्यता के कारण छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों तक के आवेदन नगर निकायों और पंचायतों में लगातार जमा हो रहे हैं. लोगों को डर इस बात की होने लगी है कि जन्म प्रमाण पत्र बना रहेगा, तो भविष्य में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी. दरअसल, यह पूरी कवायद नेशनल रजिस्टर ऑफ इंडियन सिटीजन (एनआरआईसी) या नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) से जुड़ी संभावित औपचारिकताओं के मद्देनजर हो रही है, जिसमें जन्म के प्रमाण की खोज की जा सकती है. यही कारण है कि इन दिनों लोगों में अपना या अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की होड़-सी मची हुई है.

पढ़े-लिखों के लिए मैट्रिक सर्टिफिकेट सहारा, अनपढ़ों को परेशानी

जो लोग पढ़े-लिखे हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया थोड़ी आसान है. वे अपने मैट्रिक के सर्टिफिकेट को जन्म के साक्ष्य के तौर पर जमा कर पा रहे हैं. लेकिन, जिनके पास कोई औपचारिक डिग्री या मैट्रिक सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उन्हें अन्य उपलब्ध दस्तावेजों या स्थानीय स्तर पर जन्म के समर्थन में साक्ष्य जुटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. दूसरी ओर जन्म का साक्ष्य मांगे जाने की खबर के बाद पढ़े-लिखे लोग भी सक्रिय हो गये हैं. कई ऐसे लोग जिनके पास पहले से ही मैट्रिक सर्टिफिकेट है. वे भी भविष्य की संभावित जरूरतों को देखते हुए अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं. ये लोग अपने मैट्रिक सर्टिफिकेट के आधार पर नगर निकाय और पंचायतों में आवेदन जमा कर रहे हैं.

कोर्ट से शपथ पत्र बनाने के मामले भी बढ़े

जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक कोर्ट से आवश्यक शपथ पत्र तैयार करवा कर जमा कर रहे हैं. इसके साथ ही जन्म के प्रमाण के तौर पर अपने मैट्रिक का सर्टिफिकेट, आधार कार्ड की फोटोकॉपी, और माता-पिता के आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी संलग्न की जा रही है. दस्तावेजों के इस अंबार को जमा करने के लिए नगर निगम में इन दिनों भारी भीड़ उमड़ रही है. निगम कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र अनुभाग में लोगों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. यही स्थिति जिले के अन्य नगर निकायों सहित ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों में भी देखने को मिल रही है, जहां जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदनों का तांता लगा हुआ है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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