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अतिक्रमण के शिकंजे में मुजफ्फरपुर: ''''स्मार्ट सिटी'''' का सपना बेदम, जाम में हांफती जिंदगी

Updated at : 06 Jun 2025 8:09 PM (IST)
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अतिक्रमण के शिकंजे में मुजफ्फरपुर: ''''स्मार्ट सिटी'''' का सपना बेदम, जाम में हांफती जिंदगी

The dream of 'Smart City' is ineffective

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::: स्टेशन रोड से कलेक्ट्रेट कंपनीबाग तक अवैध कब्जा, निगम-पुलिस की ””मौन सहमति”” से बदहाली चरम पर, एंबुलेंस भी फंस रही जाम में

::: आधे से अधिक सड़क पर कब्जा, निगम गेट से लेकर जिला परिषद ऑफिस तक पूरे दिन रहता है जाम

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

””स्मार्ट सिटी”” बनने की दौड़ में शामिल मुजफ्फरपुर शहर अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिसने शहर की रफ्तार और सुंदरता दोनों पर ब्रेक लगा दिया है. आलम यह है कि शहर की पहचान कहे जाने वाले स्टेशन रोड और कलेक्ट्रेट कंपनीबाग रोड की सड़कें अब आधी से अधिक अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं. यह बदहाली उस वक्त और भी अखरती है, जब नगर निगम में सरकार व प्रशासन से विशेष “फोर्स ” की तैनाती की गयी है. बावजूद, इसके निगम की उदासीनता सवालों के घेरे में है. नगर निगम के गेट के ठीक सामने भी अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है, मानो उन्हें किसी का डर ही न हो. इस ””मौन सहमति”” का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है. स्टेशन रोड तो नरक बन चुका है, जहां दिन भर जाम लगा रहता है. अवैध दुकानें, रेहड़ी-पटरी वाले और ऑटो-ई-रिक्शा की मनमानी पार्किंग ने पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं छोड़ी है. शहर का यह ट्रैफिक सिस्टम इतना बेदम हो चुका है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को भी जाम में फंसना पड़ता है, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है. नगर निगम की सुस्ती और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता ने इस समस्या को विकराल रूप दे दिया है. मुजफ्फरपुर का ””स्मार्ट सिटी”” का दावा इन सड़कों पर बिखरता नजर आ रहा है, जहां अतिक्रमण एक लाइलाज बीमारी बन गया है.

बॉक्स ::: लीची के पत्तों का ””कचरा””, स्वास्थ्य के लिए खतरा

इन दिनों स्टेशन रोड पर लीची की बंपर बिक्री हो रही है, लेकिन इसके साथ ही एक नयी समस्या ने सिर उठा लिया है. लीची विक्रेता सड़क किनारे ही लीची बेचने के बाद उसके पत्ते वहीं छोड़ देते हैं. ये पत्ते सड़-गलकर धूल और बदबू के रूप में पूरे इलाके में फैल रहे हैं, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी हो रही है. गाड़ियों के पहियों के नीचे आने से ये लीची के पत्ते सूखकर धूल का रूप ले लेते हैं और हवा में उड़ते रहते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. सड़क पर फैली इस गंदगी से स्टेशन रोड की सुंदरता पर भी गहरा दाग लग रहा है. यह स्थिति स्वच्छता अभियान को भी मुंह चिढ़ा रही है. नगर निगम को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए और लीची विक्रेताओं के लिए कचरा निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि शहर को इस गंदगी से निजात मिल सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJAY KUMAR

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By SANJAY KUMAR

SANJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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