Driving License: बिहार में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई, एक साल में 1705 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड, 63 रद्द

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 04 Jun 2025 5:15 PM

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Driving License: बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. बीते एक साल में राज्य के 38 जिलों में कुल 1705 ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निलंबित किए गए, जबकि 63 लाइसेंस को रद्द कर दिया गया. यह कार्रवाई पुलिस और ट्रैफिक विभाग की रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें रैश ड्राइविंग, शराब पीकर वाहन चलाने और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के मामले प्रमुख रहे.

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Driving License, कुमार गौरव, मुजफ्फरपुर : बिहार के 38 जिलों में बीते एक साल में 1705 ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निलंबित किये गये. वहीं 63 ड्राइविंग लाइसेंस को कैंसिल किया गया. डीएल निलंबन में टॉप छह जिले में गया पहले, वैशाली दूसरे, पटना तीसरे, गोपालगंज चौथे, नालंदा पांचवें और सीतामढ़ी छठे स्थान पर है. वहीं कैंसिल में सबसे अधिक 23 डीएल कटिहार में और मुजफ्फरपुर व नालंदा में पांच – पांच डीएल कैंसिल किये गये.

क्यों हुआ कैंसिल

इसके अलावा अन्य जिलों में एक दो व तीन डीएल कैंसिल हुए. परिवहन विभाग द्वारा यह कार्रवाई पुलिस विभाग और ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चालकों के संबंध में भेजे गये रिपोर्ट के आधार पर की गयी. इसमें अधिकांश मामले रैश ड्राइविंग, नशे में गाड़ी चलाने, सड़क दुर्घटना में हुई अधिक मौत के मामले से संबंधित थे.

ट्रैफिक नियम का अनुपालन सख्ती से कराने को लेकर परिवहन विभाग द्वारा अब चालान के साथ डीएल निलंबन व उसे कैंसिल करने की कार्रवाई की जा रही है.

मुजफ्फरपुर के डीटीओ कुमार सत्येंद्र यादव ने बताया कि जिले में जो डीएल निलंबन के जो मामले सामने आये है, उसमें अधिकांश मामले में दूसरे राज्यों में नशे में गाड़ी चलाने को लेकर थे. निलंबन अवधि बीतने के बाद चालक द्वारा चालान जमा कर उसे निलंबन मुक्त कराया गया है.

तीन से छह माह के लिए डीएल होता निलंबित

ट्रैफिक नियम के उल्लंघन में बड़ी गलती करने पर सड़क पर जांच कर रहे पुलिस और ट्रैफिक विभाग के पदाधिकारी द्वारा चालक के डीएल निलंबन संबंधित प्रस्ताव संबंधित जिले के डीटीओ को भेजा जाता है. पुलिस व ट्रैफिक द्वारा भेजे गये रिपोर्ट के आधार पर डीएल निलंबन की अवधि तय की जाती है कि वह तीन महीने की होगी या छह महीने की.

निलंबन अवधि के दौरान चालक का डीएल ऑफिस में जमा होता है, जिसे चालक निलंबन अवधि की समय सीमा बीतने के बाद चालान जमा कर आवेदन देता है. इसके बाद उस डीएल को निलंबन मुक्त किया जाता है.

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जिला : निलंबित डीएल की संख्या

  • गया : 264
  • वैशाली : 172
  • पटना : 153
  • गोपालगंज : 146
  • नालंदा : 140
  • सीतामढ़ी : 130
  • मोतिहारी : 96
  • छपरा : 65
  • दरभंगा : 58
  • मधुबनी : 30
  • मुजफ्फरपुर : 23
  • बेतिया : 23
  • समस्तीपुर : 22
  • सिवान : 18
  • शिवहर : 11
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Paritosh Shahi

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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