आवंटन के बाद भी नामांकन लेने में आनाकानी कर रहे निजी स्कूल

Updated at : 28 Sep 2024 1:19 AM (IST)
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आवंटन के बाद भी नामांकन लेने में आनाकानी कर रहे निजी स्कूल

आवंटन के बाद भी नामांकन लेने में आनाकानी कर रहे निजी स्कूल

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-शिक्षा विभाग ने संबंधित निजी स्कूलों को भेजा पत्र, डीपीओ ने कहा- 30 तक नामांकन लें या कारण सहित निरस्त कर दें-इसके बाद नामांकन पेंडिंग रखने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेगा शिक्षा विभाग

मुजफ्फरपुर.

शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन में निजी स्कूलों की ओर से आनाकानी की जा रही है. विभाग के स्तर से आवेदन लेकर विद्यालय आवंटन के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन नहीं लिया जा रहा है. कई स्कूलों ने तो एक भी आवंटित स्टूडेंट का नामांकन नहीं किया है. ऐसे में शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए निजी स्कूलों को 30 तक हर हाल में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. डीपीओ सुजीत कुमार दास की ओर से निजी स्कूलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में वे नामांकन करें या कारण बताते हुए नामांकन रद्द कर दें. इसके बाद भी यदि वे इसपर ध्यान नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. शिक्षा विभाग की ओर से सितंबर तक आरटीइ से नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश है. ऐसे में 30 सितंबर तक का समय स्कूलों को दिया गया है. नामांकन या रद्द करने वाले स्टूडेंट्स की रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट भी करना है. जिले में निजी स्कूलों में नामांकन के लिए 548 स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था. इसमें से 457 स्टूडेंट्स को स्कूल आवंटित किया गया था. निजी स्कूलों ने 289 स्टूडेंट्स का नामांकन नहीं लिया है.

70 स्कूलों ने नहीं दी नामांकन की रिपोर्ट :

मुजफ्फरपुर.

शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से निजी स्कूलों में नामांकन लेने वाले स्टूडेंट्स की रिपोर्ट ई.शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करने को कहा था. स्कूलों को कई बार रिमाइंडर देने के बाद भी उनकी ओर से रिपोर्ट नहीं दी जा रही है. शिक्षा विभाग की ओर से 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए 70 स्कूलों को हर हाल में रिपोर्ट देने को कहा गया है. इन स्कूलों की ओर से एक भी नामांकित छात्र-छात्रा की जानकारी पोर्टल पर नहीं दी गयी है. दोहरे नामांकन को रोकने से लेकर अन्य बिंदुओं पर पारदर्शिता को लेकर विभाग की ओर से रिपोर्ट मांगी जा रही है. स्कूलों को स्पष्ट कहा गया है कि इस अवधि में यदि उनकी ओर से रिपोर्ट नहीं दी जाती है तो यू डायस कोड रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.

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