प्रभात पड़ताल: शहर की सड़कों नहीं हटा गिट्टी-बालू, क्या प्रशासन को किसी और मौत का है इंतजार ?

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शहर की सड़कों नहीं हटा गिट्टी-बालू

मुजफ्फरपुर की सड़कें निर्माण सामग्री के अवैध कब्जे से जानलेवा बन गई हैं. ब्रह्मपुरा-सिकंदरपुर, बेला रोड जैसे मुख्य मार्ग हादसों को न्योता दे रहे हैं. एमबीबीएस छात्र की मौत के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है.

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Muzaffarpur Nagar Nigam: मुजफ्फरपुर शहर की सड़कों पर निर्माण सामग्री का अवैध कब्जा आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है. नगर निगम और पुलिस की अनदेखी के कारण दुकानदारों और ठेकेदारों के हौसले इतने बुलंद हैं कि मुख्य मार्गों को ही डंपिंग यार्ड बना दिया गया है. ब्रह्मपुरा-सिकंदरपुर रोड, बेला रोड और मिठनपुरा से शेरपुर मार्ग पर बीच सड़क बिखरा बालू हादसों को न्योता दे रहा है. इन लापरवाही से भरी सड़कों पर रोजाना दुर्घटनाएं घट रही हैं.

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Muzaffarpur News: एमबीबीएस छात्र की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

बीते सोमवार की अहले सुबह लेनिन चौक के पास घटी दर्दनाक घटना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है, जहां बुलेट से जा रहे शहर के एक होनहार एमबीबीएस छात्र की जान सड़क पर पसरी गिट्टी-बालू के कारण फिसलकर गिर जाने से चली गई. यह घटना कोई पहली नहीं है, बल्कि उस गिरते प्रशासनिक तंत्र का नतीजा है जिसे शहर को सुरक्षित और सुचारू रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. नियमतः निर्माण सामग्री को ढककर रखना होता है, लेकिन मुजफ्फरपुर में स्थिति इसके उलट है.

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मुख्य मार्ग बने डंपिंग यार्ड, अंधेरे में बन रहे स्किड ज़ोन

लेनिन चौक, अघोरिया बाजार, कल्याणी और सिकंदरपुर जैसे प्रमुख इलाकों में आधे से ज्यादा रास्तों पर गिट्टी-बालू के ढेर पड़े हैं. रात और अहले सुबह जब रोशनी कम होती है, तो सड़क पर बिखरी महीन गिट्टियां बाइक और स्कूटी सवारों के लिए स्किड ज़ोन बन जाती हैं. ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम इस गंभीर समस्या से पूरी तरह पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है.

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बड़े ठेकेदारों पर मेहरबान निगम और पुलिस, वसूली तक सीमित टीम

अतिक्रमण हटाने और सड़क से बाधाएं दूर करने के नाम पर नगर निगम की टीम रोजाना औपचारिकता पूरी करने निकलती है. टीम का पूरा जोर छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों पर होता है, जिनसे रोज 5 से 7 हजार रुपये का चालान काटकर खानापूर्ति कर ली जाती है. शहर की रफ्तार रोकने वाले और लोगों की जान जोखिम में डालने वाले बड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई करने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता है.


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मेयर बोलीं- एक हफ्ते के अंदर नगर आयुक्त से मांगी गई है जांच रिपोर्ट

सशक्त स्थायी समिति की मीटिंग में यह मामला जोर-शोर से उठाया गया था. मेयर निर्मला साहू ने बताया कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है. एक हफ्ते के भीतर नगर आयुक्त को विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है, ताकि लापरवाह एजेंसियों और लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके.


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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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