बिहार के 7 जिलों में नगर पालिका उपचुनाव की तैयारी तेज, आयोग ने जारी की सख्त गाइडलाइन

बिहार के 7 जिलों में नगर पालिका उपचुनाव की तैयारी तेज, आयोग ने जारी की सख्त गाइडलाइन
बिहार के 7 प्रमुख जिलों में नगर पालिका उपचुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मतदाता सूची में संशोधन और संवेदनशील बूथों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
Municipal By-Election Bihar: राज्य निर्वाचन आयोग ने बिहार के 7 प्रमुख जिलों में आगामी नगर पालिका उपचुनाव को लेकर अपनी प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं. चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोग ने सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. आयोग के सचिव द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, घटाने और किसी भी प्रकार के संशोधन की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर जल्द से जल्द शुरू किया जाए. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और जनता की सहूलियत के लिए 'समाधान पोर्टल' को तुरंत एक्टिवेट करने का आदेश दिया गया है. इसके माध्यम से आम मतदाता अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे दर्ज करा सकेंगे.
संवेदनशीलता के आधार पर होगी सुरक्षा की व्यवस्था
जारी गाइडलाइन के अनुसार, चुनाव तैयारियों को लेकर कई अहम समय सीमाएं तय की गई हैं. मतदाता सूची के अंतिम प्रारूप (ड्राफ्ट) का प्रकाशन हर हाल में अगले 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक करने को कहा गया है. यदि सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो आम नागरिक उस पर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जिसका निपटारा अधिकारी 7 दिनों के अंदर सुनिश्चित करेंगे. इसके अलावा, मतदान केंद्रों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त हिदायत दी गई है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों की पहचान करें ताकि वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जा सके.
आदर्श आचार संहिता होगी प्रभावी, लापरवाही पर नपेंगे अफसर
आयोग ने साफ किया है कि गाइडलाइन जारी होने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू मानी जाएगी. जिन 7 जिलों में उपचुनाव कराए जाने हैं, वहां के डीएम को पोलिंग बूथ, मतगणना स्थल और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका तैयार कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी. आयोग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि बिना किसी त्रुटि वाली शुद्ध मतदाता सूची ही इस चुनाव का मुख्य आधार बनेगी. यदि मतदाता सूची तैयार करने या चुनावी तैयारियों में किसी भी स्तर पर अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती गई, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. आयोग द्वारा बहुत जल्द ही उपचुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान किए जाने की संभावना है.
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By प्रभात कुमार
प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.
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