रेडक्रॉस में खुलेगा 100 यूनिट का नया ब्लड बैंक, केंद्रीय संगठन से मिली मंजूरी

रेडक्रॉस में खुलेगा 100 यूनिट का नया ब्लड बैंक, केंद्रीय संगठन से मिली मंजूरी
मुजफ्फरपुर रेडक्रॉस सोसाइटी को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से 100 यूनिट क्षमता वाले आधुनिक ब्लड बैंक के संचालन का लाइसेंस मिल गया है. इस नई सुविधा से मरीजों को होल ब्लड के साथ-साथ प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स भी आसानी से मिल सकेंगे.
Red Cross Muzaffarpur: कंपनीबाग स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अब यहां बहुत जल्द 100 यूनिट की क्षमता वाला एक आधुनिक ब्लड बैंक (ब्लड सेंटर) संचालित होने जा रहा है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने मुजफ्फरपुर रेडक्रॉस सोसाइटी को ब्लड सेंटर के सफल संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्रदान कर दिया है. इस ब्लड बैंक को शुरू करने की प्रशासनिक प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है. यह जारी किया गया नया लाइसेंस आगामी अगले पांच वर्षों तक पूरी तरह वैध रहेगा. सीडीएससीओ के संयुक्त औषधि नियंत्रक डॉ. चंद्रशेखर रंगा ने आधिकारिक पत्र जारी कर इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी राज्य औषधि नियंत्रक पटना को भी भेज दी है.
होल ब्लड के साथ प्लेटलेट्स और प्लाज्मा कंपोनेंट्स भी होंगे तैयार
रेडक्रॉस सोसाइटी मुजफ्फरपुर जिला शाखा के सचिव उदय शंकर प्रसाद सिंह ने इस बड़ी सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस नए ब्लड सेंटर में मरीजों के लिए होल ब्लड की उपलब्धता तो रहेगी ही, इसके साथ ही अत्याधुनिक मशीनों के जरिए प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और लाल रक्त कण (आरबीसी) जैसी बेहद जरूरी कंपोनेंट्स भी आसानी से तैयार किए जा सकेंगे. इससे जिले के साथ-साथ पूरे उत्तर बिहार के मरीजों को गंभीर बीमारियों और आपातकालीन स्थिति में प्लेटलेट्स या प्लाज्मा के लिए दूसरे बड़े शहरों या निजी सेंटरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
चार सदस्यीय तकनीकी टीम संभालेगी ब्लड सेंटर की पूरी कमान
इस अत्याधुनिक ब्लड सेंटर के तकनीकी और सुरक्षित संचालन के लिए एक कुशल चार सदस्यीय विशेष तकनीकी टीम का गठन किया गया है, जो इस पूरे कार्य को पूरी मुस्तैदी से संभालेगी. इस तकनीकी टीम में मुख्य रूप से एमडी पैथोलॉजी डॉ. अंशुमान सिन्हा शामिल हैं. उनके साथ ही मेडिकल ऑफिसर के रूप में पुष्कर विद्यार्थी, तकनीकी पर्यवेक्षक के रूप में कामिनी कुमारी (एएनएम) और ब्लड सेंटर टेक्नीशियन के रूप में चंदन कुमार पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे. इस टीम की तैनाती से मरीजों को 24 घंटे पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएं मिल सकेंगी.
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By Vinay Kumar
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