मेयर ने स्थगित की स्थायी समिति की बैठक, कहा बिना पढ़े संलेख पर नहीं लूंगी फैसला

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मेयर ने स्थगित की स्थायी समिति की बैठक, कहा बिना पढ़े संलेख पर नहीं लूंगी फैसला

Mayor adjourned the standing committee meeting

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फोटो दीपक :: 18

::: 03 दिन बाद फिर होगी मीटिंग; मानव बल बहाली, मांस-मछली की दुकानों पर सख्ती और सड़कों पर घूमने वाले पशुओं पर महापौर नाराज

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक शनिवार को नाराजगी और सख्त फैसलों के बीच हुई. बैठक की अध्यक्षता महापौर निर्मला साहू ने की, जिसमें उप महापौर डॉ मोनालिसा सहित सभी सदस्य मौजूद थे. बैठक में महापौर द्वारा रखे गए आधा दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित कर दिया गया. हालांकि, नगर आयुक्त द्वारा रखे गये लगभग एक दर्जन संलेखों (प्रस्तावों) पर बिना चर्चा किये ही मीटिंग को स्थगित कर दिया गया. महापौर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रस्तावों से संबंधित संलेख उन्हें मीटिंग से ठीक पहले रात को मिले. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मैं संलेखों को अच्छे ढंग से पढूंगी नहीं, तब तक इस पर कोई फैसला लेना उचित नहीं है. नतीजतन, मीटिंग को अगले तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है. अगली बैठक संभवत: अब 10 दिसंबर को होगी, जिसमें संलेखों सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होगी. मीटिंग में पार्षद राजीव कुमार पंकू, अभिमन्यु चौहान, अमित रंजन, केपी पप्पू, सुरभि शिखा, उमा पासवान सहित तमाम सदस्य और पदाधिकारी मौजूद थे.

मीटिंग के प्रमुख और सख्त आदेश

– मानव बल बहाली :

अगली मानव बल आपूर्ति एजेंसी का चयन तीन महीने के भीतर करने का आदेश दिया गया है, जो सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा.

– मांस-मछली की दुकानों पर सख्ती :

शहर के शिक्षण संस्थानों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास खुले में बिक रही मांस-मछली की दुकानों को अविलंब बंद कराने का आदेश दिया गया है.

– अतिक्रमण हटाओ :

नीम चौक सादपुरा में निगम की चिह्नित जमीन के बदले सड़क पर लग रही मांस-मछली की दुकानों को भी तत्काल हटाने को कहा गया है.

– आवारा जानवरों को पकड़े :

शहर की सड़कों पर घूमने वाले जानवरों की धर-पकड़ अभियान को नियमित रूप से सख्ती के साथ चलाने का आदेश दिया गया. इस मुद्दे पर मेयर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया.

– राजस्व की समीक्षा :

निगम की दुकानों के नये सिरे से लीज एग्रीमेंट करने और विकास कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है.

– सैरात बंदोबस्ती से आय :

सैरात बंदोबस्ती से नगर निगम को प्राप्त हुई राशि की जानकारी समिति के सदस्यों को उपलब्ध कराई गई. चालू वित्तीय वर्ष में यह आय पिछले कई सालों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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