: काजीमोहम्मदपुर पुलिस ने 80 दुकानों का खंगाला सीसीटीवी : अपराधियों के आने व भागने की दिशा में पुलिस जुटा रही सुराग : आभूषण कारीगर के बयान पर तीन अज्ञात अपराधियों पर केस संवाददाता, मुजफ्फरपुर काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अघोरिया बाजार चौक के समीप नकली पुलिस बनकर आभूषण कारीगर से 10 लाख रुपये की ज्वेलरी ठगी के मामले में पुलिस को इरानी और कोढ़ा गिरोह के हिस्ट्रीशीटरों पर शक है. फिलहाल घटना में शामिल अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. इसके तहत अघोरिया बाजार से लेकर आमगोला और रामदयालु गुमटी के बीच 80 से अधिक दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है. कई कैमरों में दो संदिग्ध नजर आए हैं, जिनकी पहचान करने की कवायद जारी है. पुलिस पूर्व में हुई इसी तरह की घटनाओं में सीसीटीवी में कैद अपराधियों के हुलिए से भी मिलान करा रही है. थानाध्यक्ष नवलेश कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों के हुलिए का मिलान किया जा रहा है और जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा. बताया गया कि मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग निवासी 68 वर्षीय आभूषण कारीगर परमानंद प्रसाद गुप्ता बुधवार दोपहर कहीं जा रहे थे. इसी दौरान अघोरिया बाजार चौक के पास बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें रोक लिया. खुद को आई स्पेशल पुलिस बताते हुए बदमाशों ने कहा कि इतने गहने पहनकर चलना खतरे से खाली नहीं है. सुरक्षा का हवाला देकर उन्होंने चार अंगूठी और एक सोने की चेन उतरवाकर कागज में लपेटने को कहा. भरोसा दिलाया कि कागज मोड़कर स्कूटी की डिक्की में रख दिया जाएगा. इसी बीच चालाकी से बदमाशों ने कागज बदल लिया और वहां से फरार हो गए. घर पहुंचने के बाद जब कारीगर ने कागज खोला तो उसमें ज्वेलरी की जगह नट-बोल्ट और पत्थर के टुकड़े निकले. इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई.
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