खुशी अपहरण कांड के आइओ बदले, चार दिन से सीबीआइ कर रही है कैंप

खुशी अपहरण कांड के आइओ बदले, चार दिन से सीबीआइ कर रही है कैंप
-सीबीआइ ने परिजनों से भी की पूछताछ
मुजफ्फरपुर.
खुशी अपहरण कांड की जांच सीबीआइ कर रही है. चार दिनों से सीबीआइ अधिकारी शहर में कैंप कर रहे हैं. खुशी के पिता राजन साह ने बताया कि बीते सात फरवरी को भी सीबीआइ के दो अधिकारी उनके घर पर पहुंचे थे. राजन साह का कहना है कि पहले जो आइओ केस की जांच कर रहे थे वह बदल गए है. नए आइओ लगातार उनकी बेटी का सुराग लगाने के लिए शहर में कैंप कर रहे हैं. सोमवार को भी सीबीआइ के दो अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे. उनके साथ- साथ पत्नी, माता, पिता व परिवार के अन्य सदस्यों का भी बयान दर्ज की है. आसपास के मोहल्ले के लोगों से भी पूछताछ व बयान दर्ज किया है. वहीं, उसकी बेटी के अपहरण के केस में जेल से जमानत पर बाहर गए अमन से भी आइओ को पूछताछ करनी थी. लेकिन, उसके शहर से बाहर होने के कारण पूछताछ नहीं हो पायी है. राजन साह ने कहा कि उसने सीबीआइ को जिन संदिग्धों का नाम बताया था सीबीआइ उसके घर का भी सत्यापन कर रही है. जल्द ही संदिग्धों से पूछताछ कर सकती है.19 जुलाई 2024 को सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर ने की थी जांच
बीते साल 19 जुलाई को सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर आइपीएस राजीव रंजन पांच सदस्यीय टीम के राजन साह के घर पर पहुंच कर छानबीन की थी. परिवार के सदस्यों का बयान दर्ज किया था. सीबीआइ की ओर से खुशी के बारे में कुछ भी जानकारी देने वाले के लिए पांच लाख इनाम की भी घोषणा की जा चुकी है. इससे पहले खुशी के पिता राजन साह के अधिवक्ता ओमप्रकाश कुमार की ओर से बीते साल पांच जुलाई को सीबीआइ व तत्कालीन एसएसपी के खिलाफ अवमानना वाद दायर किया गया था.16 फरवरी 2021 को खुशी का हुआ था अपहरण
ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मी चौक स्थित सरस्वती पूजा पंडाल से 16 फरवरी 2021 को खुशी का अपहरण कर लिया गया था. मामले में उसके पिता राजन साह ने ब्रह्मपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. ब्रह्मपुरा पुलिस पहले जांच को गंभीरता से नहीं लिया. जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो पुलिस एक्टिव हुई. चार जिलों में जाकर छानबीन की. सेंट्रल जेल में बंद आरोपित अमन व संदिग्ध राहुल का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया. लेकिन, कुछ सुराग नहीं मिला तो केस की जांच मई 2022 में सीबीआइ को सौंप दिया गया. सीबीआइ ने राजन साह का भी बाद में पॉलीग्राफी टेस्ट कराया था. इसके बाद से लगातार सीबीआइ इस केस की जांच कर रही है.
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