टीकाकरण हो जाए तो गर्भाशय के कैंसर से नहीं होगी मृत्यु

Updated at : 23 Jun 2024 9:48 PM (IST)
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टीकाकरण हो जाए तो गर्भाशय के कैंसर से नहीं होगी मृत्यु

टीकाकरण हो जाए तो गर्भाशय के कैंसर से नहीं होगी मृत्यु

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-दाे दिवसीय सेमिनार के अंतिम दिन वरिष्ठ चिकित्सक ने गर्भाशय के कैंसर पर दिया व्याख्यान मुजफ्फरपुर. गर्भाशय के कैंसर से हर दो मिनट में एक महिला की मौत हो जाती है. यदि समय रहते युवतियों में इसका टीकाकरण हो जाए तो इन मौतों को रोका जा सकता है. इसके साथ ही ग्रामीण स्तर की सीएससी व पीएचसी पर गर्भाशय के कैंसर के परीक्षण व पहचान के लिए प्रशिक्षित स्टाफ होने चाहिए. महिलाओं में बड़ी संख्या में बढ़ रहे गर्भाशय के कैंसर से बचाव काे लेकर रविवार काे मुजफ्फरपुर ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से दाे दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. इसके अंतिम दिन देशभर के आये वरिष्ठ चिकित्सक ने गर्भाशय के कैंसर पर अपना व्याख्यान दिया. उन्होंने बताया कि गर्भाशय के मुख का कैंसर विश्व में महिलाओं में तीसरा सबसे प्रचलित कैंसर है और भारत में दूसरे स्थान पर है. गर्भाशय के मुख के कैंसर की जांच और इलाज में कई नई तकनीकियों का समावेश होने के कारण काफी गिरावट आई है. गांव में साफ-सफाई भी है एक कारण अहमदाबाद से आए डॉ फारुल कोरावाल ने बताया कि स्तन कैंसर नंबर एक पर है. वहीं, ग्रामीण महिलाओं द्वारा साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखे जाने के कारण संक्रमण अधिक होता है. इसके कारण ग्रामीण महिलाओं में गर्भाशय के मुख के कैंसर का भी नंबर एक की श्रेणी में आता है. उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य समाज को गर्भाशय के मुख के कैंसर से मुक्त बनाना है. कोलकाता से आये डॉ कुमदिनी झा ने कहा कि आजकल गर्भाशय के मुख के कैंसर और उससे पूर्व की स्थिति का पता पैप स्मीयर द्वारा किया जाता है. पैप स्मीयर एक सरल विधि है जिससे कि योनि से निकलने वाले पदार्थ की जांच की जाती है. इसके साथ ही कॉल्पोस्कोपी (दूरबीन की जांच) और बायप्सी (मांस टुकड़े की जांच) इस प्रकार के कैंसर को जानने की अन्य विधियां हैं. डॉ माधुरी, डॉ जलदीप ने भी अपना व्याख्यान गर्भाशय के मुख के कैंसर विषय पर दिया. इस मौके पर शहर की वरीय चिकित्सक व आयाेजक प्राे.डाॅ रंगीला सिन्हा ने विस्तार से फाॅग्सी के कार्यक्रमाें व उद्देश्याें की जानकारी दी. माैके पर डाॅ साधना सिन्हा, डाॅ नीलम सिन्हा, डाॅ शांति राॅय, डाॅ रंजना मिश्रा, डाॅ पल्लवी राॅय, डॉ नीलम सिन्हा, डॉ विभा वर्मा, डॉ प्राची, डॉ साधना सिन्हा, डॉ आशु रानी, डॉ रेखा झा, डॉ स्मिता, डॉ पूजा सिन्हा, डॉ रंजनी, डॉ रानी पाठक मौजूद थी.

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