बिहार में किसानों के नाम से दूसरों ने उठा लिया सस्ता बीज, किसानों को भेजा गया ऑनलाइन बिल

किसानों को अनुदानित दर पर मिलने वाली रबी फसल के बीज में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. किसानों के जानकारी के बिना ही उनके नाम से गेहूं सहित अन्य बीज का उठाव कर लिया गया है. यही नहीं, किसानों के उठाव नहीं करने के बाद भी उन्हें बीज का ऑनलाइन बिल भी मिल रहा है. मुशहरी, मीनापुर सहित अन्य प्रखंड में हुए बीज वितरण में बड़े घोटाले की आशंका व्यक्त की जा रही है. किसानों के उठाव नहीं करने के बाद भी उन्हें बीज का ऑनलाइन बिल भी मिल रहा है. मुशहरी, मीनापुर सहित अन्य प्रखंडों में इस तरह का मामला है. इसके बाद कृषि विभाग में हड़कंम मचा है. कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मी व बीज दुकानदार हैरत में हैं. दोषियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है. जांच में दोषी दुकानदार व कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी.
किसानों को अनुदानित दर पर मिलने वाली रबी फसल के बीज में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है. किसानों के जानकारी के बिना ही उनके नाम से गेहूं सहित अन्य बीज का उठाव कर लिया गया है. यही नहीं, किसानों के उठाव नहीं करने के बाद भी उन्हें बीज का ऑनलाइन बिल भी मिल रहा है. मुशहरी, मीनापुर सहित अन्य प्रखंड में हुए बीज वितरण में बड़े घोटाले की आशंका व्यक्त की जा रही है. किसानों के उठाव नहीं करने के बाद भी उन्हें बीज का ऑनलाइन बिल भी मिल रहा है. मुशहरी, मीनापुर सहित अन्य प्रखंडों में इस तरह का मामला है. इसके बाद कृषि विभाग में हड़कंम मचा है. कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मी व बीज दुकानदार हैरत में हैं. दोषियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है. जांच में दोषी दुकानदार व कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी.
मुशहरी प्रखंड के बाड़ा जगन्नाथ निवासी शकींद्र यादव ने गेहूं और तोरी के बीज के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. उनका आवेदन भी स्वीकृत हो गया. उनके मोबाइल पर ओटीपी भी पहुंच गया. लेकिन, विलंब होने की वजह से उन्होंने गेहूं और तोरी के बीज का उठाव नहीं किया. कुछ दिन बाद उनके मोबाइल पर गेहूं व तोरी के बीज उठाव किये जाने बिल ऑनलाइन प्राप्त हुआ.
उन्होंने बीआरबीएन के वेबसाइट पर इसकी छानबीन की. इसमें पाया कि लाभान्वित किसानों की सूची में क्रम संख्या 92 पर उनका नाम व रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित है. इसमें 80 किलो गेहूं बीज का उठाव करने का उल्लेख है. आकस्मिक फसल योजना की सूची में लाभान्वित किसानों की क्रम संख्या 42 पर उनका नाम और निबंधन संख्या अंकित है. इसमें चार किलो तोरी का उठाव करने का उल्लेख है. गेहूं उठाव करने पर 2920 रुपये है. इसमें 1460 रुपये अनुदान और 1460 रुपये नकदी भेजे जाने का मैसेज मिला है. मीनापुर प्रखंड के मदारीपुर कर्ण निवासी उमदा देवी ने गेहूं बीज के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. उन्हें 40 किलो गेहूं बीज मिला है. लेकिन, उन्हें 200 किलो उठाव करने का एसएमएस आया.
Also Read: Bird Flu News: बर्ड फ्लू से डरे बिहारवासी, थाली से गायब हुए अंडा और मुर्गा, जानें कितनी गिरी कीमत
किसानों के साथ हुए फर्जीवाड़ा का मामला लोक शिकायत में भी पहुंच गया है. शकींद्र कुमार यादव ने लोक शिकायत में मामला दर्ज कराया है. उन्होंने दोषी दुकानदारों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है.
अगर इस तरह का मामला है तो यह गंभीर है. किसान शिकायत करेंगे तो इसकी जांच करायी जायेगी. इसमें दोषी पाये जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
चंद्रशेखर सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी
Posted By :Thakur Shaktilochan
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




