भादो में दो गुनी रजिस्ट्री, जमीन के छोटे प्लॉट की सबसे ज्यादा बिक्री
Updated at : 06 Sep 2024 1:04 AM (IST)
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भादो में दो गुनी रजिस्ट्री, जमीन के छोटे प्लॉट की सबसे ज्यादा बिक्री
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मुजफ्फरपुर.
मुजफ्फरपुर जिले में शहर से ज्यादा गांवों में जमीन की मांग बढ़ गयी है. शहर की तरह ही अब लोग गांव में भी छोटे-छोटे प्लॉट की रजिस्ट्री करा रहे हैं. इससे जमीन रजिस्ट्री की संख्या में सीधे डेढ़ से दो गुने की वृद्धि हो गयी है. अगस्त महीने का जो आंकड़े रजिस्ट्री ऑफिस जारी किया गया है. इसके अनुसार रोजाना 450-500 के बीच प्लॉट की रजिस्ट्री हुई है. मीनापुर, कुढ़नी व मुशहरी प्रखंड के अलावा मोतीपुर,कांटी, साहेबगंज व पारू इलाके में सबसे ज्यादा जमीन की लोग खरीद-बिक्री लोग कर रहे हैं. जमीन की रजिस्ट्री कराने वालो पर भादो महीने का भी कोई असर नहीं है. मुजफ्फरपुर रजिस्ट्री कार्यालय में एक महीने में 5069 जमीन के दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई है. दूसरे नंबर पर मोतीपुर रजिस्ट्री ऑफिस है, जहां 1892 दस्तावेज की रजिस्ट्री हुई है. तीसरे नंबर पर पारू रजिस्ट्री कार्यालय है, जहां 1817, चौथे नंबर पर कटरा, जहां 1574 एवं पांचवें नंबर पर सकरा कार्यालय है. सकरा में एक महीने में कुल 1044 लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री कराया है. हालांकि, जिस रफ्तार से जमीन की खरीद-बिक्री बढ़ी है, उस रफ्तार से सरकार को राजस्व नहीं प्राप्त हो रहा है. इसके पीछे जिला अवर निबंधक का कहना है कि बड़े प्लॉट की जगह छोटे-छोटे प्लॉट की रजिस्ट्री हो रही है. इससे दस्तावेज की संख्या तो बढ़ जा रही है. लेकिन, राजस्व नहीं बढ़ रहा है. उनका कहना है कि कई ऐसे पिता है, जो अपने पुत्र के नाम व भाई-भाई के बीच रजिस्ट्री हो रही है. पूछने पर सर्वे में सही नाम चढ़े. इसके लिए जमीन की रजिस्ट्री पिता-पुत्र व भाई-भाई के बीच करने की बात कह रहे हैं.कहां कितनी हुई रजिस्ट्री व प्राप्त राजस्व
ऑफिस – डीड की संख्या – प्राप्त राजस्वमुजफ्फरपुर – 5069 – 30.55 करोड़
मोतीपुर – 1892 – 7.09 करोड़पारू – 1817 – 5.52 करोड़
कटरा – 1574 – 4.22 करोड़सकरा – 1044 – 2.89 करोड़
24 को रजिस्ट्री के नियम में बदलाव को अंतिम सुनवाई
24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में जमीन की रजिस्ट्री में बदलाव को लेकर सुपीम कोर्ट में फाइनल सुनवाई होनी है. इसमें यह तय होगा कि जिनके नाम जमाबंदी होगी. वहीं जमीन की बिक्री कर सकते हैं. या फिर कोर्ट सरकार व हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक भी लगा सकती है. इस कारण दादा, दादी, पिता व माता के नाम जमाबंदी वाले पुश्तैनी जमीन की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है. वंशावली के आधार पर रजिस्ट्री ऑफिस ऐसे पुश्तैनी जमीन की रजिस्ट्री कर रहा है. नियम में बदलाव के मिले संकेत के कारण ही भादो महीने में भी रजिस्ट्री के लिए तय स्लॉट फुल चल रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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