आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की मनायी गयी पुण्यतिथि

Updated at : 07 Apr 2025 9:35 PM (IST)
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आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की मनायी गयी पुण्यतिथि

Death anniversary of Acharya

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उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

. महाकवि आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की पुण्यतिथि पर सोमवार को आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री न्यास और रजा फाउंडेशन की ओर से निराला निकेतन में कविता- संवाद का आयोजन किया गया. इस मौके पर डीएम सह न्यास के पदेन सदस्य सुब्रत कुमार सेन भी मौजूद रहे. उन्होंने सभी के साथ मिल कर आचार्य जानकीवल्लभ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. डीएम ने कहा कि न्यास और बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य की जयंती पर वृहत कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. कार्यक्रम में कविता और दर्शन के संबंध पर पूर्व कुलपति और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर डॉ रिपुसूदन श्रीवास्तव ने व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन में हर आदमी दार्शनिक है. आप जो कुछ निर्णय लेते हैं, जीवन में जो कुछ करते हैं, वही दर्शन है. हर कवि दार्शनिक है. दर्शन और कविता एक ही पक्ष के दो भाग हैं. दर्शन और कविता दोनों विचार है. जिसमें दर्शन है, वह बड़ा कवि है. डॉ रिपुसूदन श्रीवास्तव ने कहा कि कविता की अनुभूतियां दर्शन के कारण ही आती है. हम भले ही शंकर को नहीं पढ़े हों या चार्वाक को नहीं जानते हों, लेकिन अगर कविता लिख रहे हैं तो अपरोक्ष रूप से दर्शन का भाव हमारे अंदर है. न्यास के सचिव गोपेश्वर सिंह ने न्यास के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. मंच संचालन मनोज कुमार सिंह ओर धन्यवाद ज्ञापन रामप्रवेश सिंह ने किया. दूसरे सत्र में डाू रवींद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन हुआ. इस मौके पर डॉ पूनम सिंह, डॉ सोनी, डॉ रिपुसूदन श्रीवास्तव, फूलगेन पूर्वे, हरि किशोर प्रसाद सिंह, ब्रजमोहन सिंह व अशोक भारती ने काव्य पाठ किया.

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