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मोबाइल का पासवर्ड ब्रेक कर साइबर अपराधी यूपीआइ कर रहे हाइजैक

Updated at : 18 Apr 2025 7:07 PM (IST)
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मोबाइल का पासवर्ड ब्रेक कर साइबर अपराधी यूपीआइ कर रहे हाइजैक

मोबाइल का पासवर्ड ब्रेक कर साइबर अपराधी यूपीआइ कर रहे हाइजैक

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– नशेड़ी से 500 से 1000 रुपये में खरीद लेता है चोरी का मोबाइल – चोरी किए गए मोबाइल नंबर के सिमकार्ड से यूपीआइ कर लेता है जेनरेट – यूपीआइ हाइजैक कर खाते से निकासी के आधा दर्जन मामले आए थे सामने संवाददाता, मुजफ्फरपुर साइबर फ्रॉड गिरोह के शातिर रोज ठगी के नए तरीके इजाद कर रहे हैं. पुलिस डाल- डाल तो साइबर अपराधी पात- पात चल रहे हैं. साइबर फ्रॉड में यूपीआइ हाइजैक की एक ऐसी नयी मॉडस ऑपरेंडी सामने आया है, जो साइबर विशेषज्ञ को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. इसमें साइबर फ्रॉड गिरोह के अपराधी चोरी या छीने गए मोबाइल फोन का पासवर्ड ब्रेक कर लेते हैं. बल्कि आधार के वेबसाइट पर जाकर वहां से ओटीपी जनरेट कर लेते हैं. फिर, खाते से रुपये का फ्रॉड कर लेते हैं. जिले में चोरी हुए मोबाइल फोन से खाते से रुपये उड़ाने का 2024 में आधा दर्जन से अधिक मामले अलग- अलग थाने में दर्ज किया गया. साइबर मामले के जानकार अधिवक्ता अनिकेत पीयूष ने बताया कि यूपीआइ हाइजैक साइबर फ्रॉड का नया तरीका है. महानगरों के बाद अब यह फ्रॉड छोटो- छोटे शहरों में ही बढ़ने लगा है. साइबर अपराधी चोरी किये गये मोबाइल फोन 500 से हजार रुपये में जेबकतरों से खरीद लेते हैं. चोरी हुए सेफ्टी फीचर्स को तोड़कर ऑनलाइन ट्यूटोरियल को यूज करके फैक्ट्री रिसेट कर देते हैं या फिर साइबर अपराधी चोरी हुए फोन से सिम कार्ड निकाल कर दूसरे फोन में डालते हैं. उसके जरिए चेक करता है कि यह सिमकार्ड किसके नाम पर है. उस सिम से यूपीआइ जनरेट करते हैं. तो वह ऑटोमेटिक उन बैंकों का नाम बता देता है. जिसमें अकाउंट है. सिम जिसके नाम पर है और जिस बैंक में अकाउंट है. इसके लिए आधार की वेबसाइट पर जाकर वहां अपडेट एडिट करते हैं. आधार से ओटीपी हासिल कर उसकी लास्ट छह डिजिट के जरिए बैंक अकाउंट्स के एप या उनकी साइट पर जाकर खाते में सेंधमारी करता है. मोबाइल चोरी होने पर तुरंत खाता करें ब्लॉक अगर मोबाइल फोन चोरी हो गया है, उसमें लगा नंबर आपका बैंक से रजिस्टर्ड है तो तुरंत उससे जुड़े हुए सभी बैंक खाते, वॉलेट, क्रेडिट व डेबिट कार्ड को ब्लॉक कर दें. अपना सिम कार्ड ब्लॉक करने और डुप्लिकेट सिम कार्ड जारी करके टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें. भारत सरकार के पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल का आइएमइआइ नंबर को भी ब्लॉक कर दे. केस एक :: अहियापुर थाना क्षेत्र के शेखपुर के रामयश सिंह के घर से मोबाइल फोन चोरी हो गया. उसके नंबर बैंक अकाउंट से टैग था. चोरों ने चोरी हुए मोबाइल फोन से यूपीआइ जनरेट करके खाते से एक लाख रुपये उड़ा दिए थे. केस दो सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज में रहने वाले सुभाष कुमार के घर से मोबाइल फोन व ज्वेलरी चोरी हो गया था. चोरी किये गये मोबाइल फोन से जुड़े यूपीआइ से अपराधियों ने 46 हजार रुपये की निकासी कर ली थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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