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कृषि कार्य के लिए पास ट्रैक्टर-ट्रालियों का व्यवसायिक प्रयोग, सड़क सुरक्षा हाशिये पर

Updated at : 26 Jun 2024 1:51 AM (IST)
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कृषि कार्य के लिए पास ट्रैक्टर-ट्रालियों का व्यवसायिक प्रयोग, सड़क सुरक्षा हाशिये पर

कृषि कार्य के लिए पास ट्रैक्टर-ट्रालियों का व्यवसायिक प्रयोग, सड़क सुरक्षा हाशिये पर

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-परिवहन विभाग ने कसेगा शिकंजा, ठेकेदारों के वाहन की होगी जांच -भवन निर्माण विभाग, आरसीडी सहित निर्माण विभाग को लिखा पत्र मुजफ्फरपुर. खेतीबाड़ी यानी कृषि कार्य में पास ट्रैक्टर-ट्रालियों का प्रयोग व्यवसायिक हो रहा है. इनका उपयोग धड़ल्ले से निर्माण कार्यों में हो रहा है. इसके साथ ही निर्माण स्थल पर दौड़ रहे बगैर निबंधन वाले ट्रैक्टर व हाइवा की संख्या भी काफी ज्यादा है. इससे परिवहन विभाग को राजस्व की हानि हो रही है. अब इस मामले में परिवहन विभाग जांच कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी है. परिवहन विभाग के अपर सचिव ने पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग सहित संबंधित सभी विभागों के प्रधान सचिव व सचिव स्तर के पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. जिसमें जांच की प्रक्रिया को लेकर जिले में निर्माण विभाग से जुड़े कार्यपालक अभियंता को रिपोर्ट देनी है. एक फॉर्मेट उपलब्ध कराया गया है. जिसमें कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट व्हीकल में हाइवा, ट्रैक्टर के निबंधन की जांच के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को सूचित कर, एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देनी है. बता दें कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में निर्माण एरिया में सबसे अधिक ट्रैक्टर और हाइवा का उपयोग हो रहा है. इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई होगी. —- इस फॉर्मेट में देनी है जानकारी – योजना या कार्य का नाम – ठेकेदार के नाम – इस्तेमाल में लाये जा रहे वाहनों के प्रकार – संख्या और रजिस्ट्रेशन नंबर इन विभाग के कार्यपालक अभियंता करेंगे जांच – जल संसाधन विभाग – पथ निर्माण विभाग – ग्रामीण विकास विभाग – लघु जल संसाधन विभाग – ग्रामीण कार्य विभाग – भवन निर्माण विभाग निबंधन की संख्या कम होने और शिकायत पर कार्रवाई शुरू मामले में परिवहन विभाग के अपर सचिव ने बताया है कि ऐसी लगातार सूचना मिल रही है, कि निर्माण कार्य स्थलों पर संवेदक द्वारा बिना निबंधन वाले कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट व्हीकल व कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर ट्रेलरों का प्रयोग किया जा रहा है. जिससे राजस्व की क्षति हो रही है. वहीं सूबे स्तर पर कंस्ट्रक्शन से जुड़े वाहनों का निबंधन कम है. ऐसे वाहनों का निबंधन जरूरी है. ऐसे वाहनों से दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा देने में परेशानी विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि बगैर निबंधित कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट व्हीकल के परिचालन से राजस्व के साथ आमलोगों के लिए भी काफी नुकसान देह है. इस तरह के बगैर निबंधित वाहनों से दुर्घटना होने की स्थिति में मुआवजा का भुगतान नहीं हो पाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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