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सूतापट‍्टी धर्मशाला न्यास बोर्ड की प्रोपर्टी

16 Jul, 2016 5:47 am
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सूतापट‍्टी धर्मशाला न्यास बोर्ड की प्रोपर्टी

निर्णय. कोलकाता हाइकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला मुजफ्फरपुर : सूतापट‍्टी स्थित बालदेव दास बसंतलाल दूधेवाला धर्मशाला की संपत्ति को लेकर दो साल से चल रहे विवाद पर विराम लग गया है. मामले में कोलकाता हाइकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सूतापट‍्टी के धर्मशाला को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड की संपत्ति बताया है. […]

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निर्णय. कोलकाता हाइकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

मुजफ्फरपुर : सूतापट‍्टी स्थित बालदेव दास बसंतलाल दूधेवाला धर्मशाला की संपत्ति को लेकर दो साल से चल रहे विवाद पर विराम लग गया है. मामले में कोलकाता हाइकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सूतापट‍्टी के धर्मशाला को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड की संपत्ति बताया है. यहीं नहीं कोर्ट ने जारी आदेश में यह भी कहा है कि धर्मशाला को लेकर जो ट्रस्ट अपना दावा पेश कर रहे थे और संपत्ति बेचने के लिए पूर्व में ऑर्डर भी लिया था.
उन पर न्यास बोर्ड कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है. दरअसल मारवाड़ी धर्मशाला को निजी संपत्ति बताते हुए नाथानी चैरीटेबल ट्रस्ट ने कोलकाता हाइकोर्ट में अर्जी दी थी. जिस पर कोर्ट ने उनके पक्ष में ऑर्डर कर दिया था. लेकिन जब इसकी जानकारी धार्मिक न्यास बोर्ड को लगी तो उन्होंने इसके विरूद्ध कोर्ट में अपील किया. कोर्ट में धार्मिक न्यास बोर्ड के दावे को सही ठहराते हुए ट्रस्ट की दावेदारी को खारिज कर दिया. हालांकि ट्रस्ट को इससे पूर्व संपत्ति बेचने पर कोर्ट ने रोक लगा रखी थी.
कोर्ट के रोक बावजूद ट्रस्ट ने किया महदनामा
कोर्ट की रोक के बावजूद ट्रस्ट ने धर्मशाला की संपत्ति को बेचने के लिए महदनामा कर दिया. इसके बाद धर्मशाला समिति के सचिव प्रदीप केजरीवाल ने इसकी शिकायत न्यास बोर्ड से की. उन्होंने बताया कि महदनामा के आधार पर दुकानदारों को धमकाया जा रहा है. इसके बाद विगत छह जून को न्यास बोर्ड के अध्यक्ष ने धर्मशाला का निरीक्षण किया था और शीघ्र ही बोर्ड की ओर से कमेटी गठित करने की बात कही थी.
धर्मशाला को लेकर दो साल से था विवाद
नाथानी चैरीटेबल ट्रस्ट बता रहे थे निजी संपत्ति
पूर्व में दिये आदेश को हाइकोर्ट ने किया खारिज
न्यास बोर्ड ट्रस्ट के विरुद्ध कार्रवाई को स्वतंत्र
सूतापट‍्टी स्थित मारवाड़ी धर्मशाला के मामले की सुनवाई कोलकाता हाइकोर्ट में हुई. मैंने धार्मिक न्यास बोर्ड का पक्ष रखा. न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए धर्मशाला की संपत्ति को न्यास बोर्ड की संपत्ति माना. साथ ही कोर्ट ने आदेश में कहा कि धर्मशाला की जमीन पर दावेदारी करने वाले ट्रस्ट पर न्यास बोर्ड को आवश्यक कार्रवाई कर सकता है.
पीएन मिश्रा, सीनियर अधिवक्ता कोलकाता हाइकोर्ट
15 सितंबर तक अधिवक्ता कर सकेंगे आवेदन
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