पश्चिम बंगाल के राइस मील संचालक से वसूला जायेगा 7.98 करोड़, पुलिस घर जाकर दिया नोटिस

Published by : SANJAY KUMAR Updated At : 01 Apr 2025 8:10 PM

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7.98 crores will be recovered from the rice mill

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संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले के काजीमोहम्मदपुर थाने में 2015 में धान घोटाले को लेकर दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. केस में नामजद आरोपी पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिला के रायगंज थाना के मिलनपारा निवासी मेसर्स रायगंज फुडग्रेन प्रोडक्ट्स के संचालक संजय भौमिक के घर पर नोटिस तामिला कराया गया है. केस के आइओ दारोगा शिव बालक कुमार ने यह नोटिस तामिला कराया है. इस कांड में दूसरे आरोपी संजय भौमिक के पिता दिलीप कुमार भौमिक की मौत हो चुकी है. पुलिस टीम नोटिस तामिला कराकर वापस लौट आयी है. न्यायालय समाहर्ता सह जिला दंडाधिकारी के कार्यालय से जारी नोटिस में राइस मिल संचालक संजय भौमिक से कुल सात करोड़ 97 लाख 72 हजार 105 रुपये की राशि सूद सहित वसूली की जायेगी. जानकारी हो कि जिले में धान घोटाला को लेकर दस से अधिक प्राथमिकी 2015 से 2016 के बीच में दर्ज की गयी. 11 करोड़ से अधिक रुपये का गबन राइस मिल संचालकों के द्वारा किया गया था. राइस मिल संचालक धान का उठाव कर लिया था. लेकिन, धान के बदले उनको जितना चावल देना था वह नहीं दे पाए. काजीमोहम्मदपुर व विवि थाने में गबन को लेकर छह प्राथमिकी दर्ज है. पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिला के रायगंज थाना के मिलनपारा निवासी मेसर्स रायगंज फुडग्रेन प्रोडक्ट्स के संचालक संजय भौमिक पर 12 अप्रैल 2015 तत्कालीन जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम आशुतोष कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें बताया था कि आरोपी ने 2012- 13 में एग्रीमेंट किया था. 37 हजार 106.71 क्विंटल धान के बदले चावल देना था. राइस मिल संचालक ने सिर्फ 270 क्विंटल चावल ही दिया. बाकी 36 हजार 836. 76 क्विंटल चावल नहीं दे पाया. विभाग की ओर से कई बार नोटिस भेजा गया. लेकिन, इसका कोई जवाब नहीं दिया गया. गबन की गयी धान की राशि अब सूद समेत सात करोड़ 97 लाख 72 हजार 105 रुपये राइस मिल संचालक से वसूल की जाएगी. दार्जिलिंग के राइस मिल संचालक का नहीं हुआ सत्यापन मुजफ्फरपुर. काजीमोहम्मदपुर थाने में धान घोटाला को लेकर दर्ज दूसरी प्राथमिकी में दार्जिलिंग के राइस मिल संचालक का सत्यापन नहीं हो पाया है. केस के आइओ राइस मिल संचालक के नाम का नोटिस लेकर दार्जिलिंग पहुंचे थे. लेकिन, उसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल पायी. अपराध अनुसंधान विभाग कर रही केस की मॉनीटरिंग प्रमादी मिलर से संबंधित कांडों की अपराध अनुसंधान विभाग पटना मॉनिटरिंग कर रही है. अपर पुलिस महानिदेशक पारस नाथ ने इस बाबत सूबे के सभी रेंज के आइजी व डीआइजी को निर्देश जारी किया है कि प्रमादी मिलर से जुड़े कांडों की समीक्षा के लिए एक विशेष अभियान का आयोजन किया जाए. अनुसंधान की गुणवत्ता व गति में तेजी लाएं

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