मुशहरी : प्रशिक्षु आइएएस ने कांटी सकरा व मोतीपुर में भी लगायी पंचायत, पेड़ के नीचे तिरपाल पर बैठ सुनी लोगों की फरियाद,
Updated at : 31 Oct 2018 5:59 AM (IST)
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मुशहरी : ग्रामीण क्षेत्र का जमीनी हकीकत जानने चार दिन के दौरे पर आये प्रशिक्षु आइएएस मंगलवार की सुबह राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र स्थित पंचायत भवन पहुंचे. डिजिटल कॉमन सेवा सेंटर पर पहुंचकर संचालक दिग्विजय कुमार से पूछा कि यहां से रेल टिकट, आधार कार्ड आदि बनता है तो संचालक ने कहा कि अभी नहीं […]
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मुशहरी : ग्रामीण क्षेत्र का जमीनी हकीकत जानने चार दिन के दौरे पर आये प्रशिक्षु आइएएस मंगलवार की सुबह राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र स्थित पंचायत भवन पहुंचे. डिजिटल कॉमन सेवा सेंटर पर पहुंचकर संचालक दिग्विजय कुमार से पूछा कि यहां से रेल टिकट, आधार कार्ड आदि बनता है तो संचालक ने कहा कि अभी नहीं बनता है.
11 बजकर 15 मिनट पर सभी छह प्रशिक्षु आइएएस मुशहरी मठ पर पहुंचे. वहां धीरे धीरे ग्रामीण एकत्र हुए. पेड़ की छाया में बड़ा तिरपाल बिछाया गया. ग्रामीणों के साथ आइएएस आयुष वर्मा, विकास मीणा, जिज्ञासा राज एवं शिवानी गोयल आम लोगो के बीच तिरपाल पर बैठ गये. जब बीएओ सुधीर कुमार मांझी ने इन प्रशिक्षु आइएएस को कुर्सी पर बैठने को कहा तो उनलोगों से इसे नकारते हुए कहा कि अभी वे लोग कोई पदाधिकारी नहीं, बल्कि समस्या जानने आये हैं.
जल नल योजना की समीक्षा की
मोतीपुर. बरियारपुर पश्चिम पंचायत पहुंचे छह प्रशिक्षु आइएएस पदाधिकारियों ने मंगलवार को पंचायत का भ्रमण कर विकास योजनाओं का जायजा लिया. उनलोगों ने पंचायत के भवानीडीह उत्क्रमित मध्य विद्यालय में चौपाल लगाकर समस्याओं को जाना. चौपाल में शामिल लोगों ने राशन, केरोसिन नहीं मिलने, खाद्य सुरक्षा के तहत राशन कार्ड नहीं बनने, आवासीय बनाने के लिए महीनों अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश होने की बात लोगों ने पदाधिकारियों को बतायी.
शौचालय का ताला बंद देख पूछे सवाल
कांटी. प्रखंड स्थित रामनाथ धमौली पूर्वी पंचायत के मध्य विद्यालय फतेहपुर में मंगलवार को प्रशिक्षु आइएएस ने लोगों से बात की.उनके रहन सहन,शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि विषयों पर खुलकर बात की.जिसमें जनप्रतिनिधि के साथ साथ स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर कर हिस्सा लिया.लोगों के रहन सहन और बात विचार से प्रशिक्षु आइएएस बहुत खुश दिखे.मधुबन स्थित मध्य विद्यालय में पठन पाठन के साथ अन्य विषयों पर चर्चा की.शौचालय में बंद ताला को देख वे लोग हेड मास्टर से सवाल भी किया. उसके बाद वे कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में जाकर वहां के व्यवस्था की जांच की.उन्होंने आवासीय परिसर में रह रहे बच्चों से खानपान,पढ़ाई एवं अन्य सुविधाओं के बारे में जायजा लिया.
नक्सली क्षेत्र की अफवाह से रहे परेशान
सकरा प्रखंड के जगदीशपुर बघनगरी पंचायत में तीन दिवसीय दौड़े पर पहुंचे आधा दर्जन प्रशिक्षु अधिकारी नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की अफवाह पर परेशान हो गये. एक प्रशिक्षु अधिकारी ने मामले की सूचना हरियाणा के एडीजी को मोबाइल से दी.एडीजी ने बिहार के डीजीपी से बात की. डीजीपी के आदेश पर पूरा पुलिस महकमा हरकत में आ गया.
देर रात पुलिस बल के साथ पहुंच कर सकरा थानाध्यक्ष ने अधिकारियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्र नहीं होने का भरोसा दिलाया,तब जाकर अधिकारी संतुष्ट हुए. दरअसल प्रशिक्षु अधिकारियों को जगदीशपुर बघनगरी पंचायत सरकार भवन में रहने की व्यवस्था है. सोमवार की रात एक अधिकारी को किसी ने इस पंचायत को नक्सल इलाका होने की गलत जानकारी दे दी थी.
शराबबंदी के बावजूद शराब की बिक्री
दो प्रशिक्षु आइएएस प्रखर गुप्ता और हर्षा मुशहरी पंचायत के वार्ड एक में लोगी की समस्या जानी. राजस्थान से आये प्रशिक्षु आइएएस विकास मीणा ने जब लीला देवी से पूछा कि यहां शराबबंदी के बाद कोई समस्या नहीं न है. तब लीला देवी का दर्द छलक पड़ा. उन्होंने कहा कि उनका पुत्र प्रतिदिन 300 रुपया कमाता है और 200 रुपये की दारू पी जाता था.
जिससे उनकी घर की माली हालत खराब है. उपस्थित सभी महिलाओं ने एक स्वर से कहा कि उनके पंचायत के अधिकांश घर के लोग शराब पीते है.शराबबंदी में तो घर घर शराब की होम डिलीवरी हो रही है. बुजुर्ग रामचंद्र महतो ने बताया कि जब नक्सलवाद चरम पर था, तो जेपी यहां आए थे और ठहरे थे.जिज्ञासा राज ओर शिवानी गोयल ने महिलाएं से 1-1 कर समस्याएं जानी.
एससी/एसटी का क्यों नहीं हो रहा विकास
सकरा. प्रखंड के जगदीशपुर बघनगरी पंचायत पहुंचे आइएएस पंचायत सरकार भवन पर ग्रामीणों के साथ बैठक की. अनुसूचित जाति एवं अतिपिछड़ी जाति के लोगों के गरीबी एवं विकास नहीं होने के कारणों की जानकारी ली.पूछा कि पंचायत में बीपीएल परिवारों की संख्या कितनी है. उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं.
विश्वंभर पासवान ने बताया कि गरीबी का सबसे बड़ा कारण शिक्षा का अभाव है. उसने कहा कि गरीब के बच्चें सरकारी स्कूलों में पढ़ते है, जबकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा चौपट है. प्रशिक्षु आइएएस की छह सदस्यीय टीम ने मंगलवार को सादिकपुर मुरौल पंचायत का भ्रमण किया. इस दौरान प्रशिक्षु आइएएस आदित्य विक्रम, सुरेश कुमार, जफर इकबाल, माधुरी, पुष्प लता एवं मनोज मीणा ने आंगनबाड़ी केंद्र, पीएचसी आदि को देखा.
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