मुजफ्फरपुर : एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल का 17वां दिन. मरीजों की बढ़ी परेशानी

Updated at : 23 Sep 2018 10:22 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर : एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल का 17वां दिन. मरीजों की बढ़ी परेशानी

गंभीर हालत में परिजन लेकर पहुंचे अस्पताल डॉक्टर ने किया इलाज मुजफ्फरपुर : करजा की गर्भवती महिला रुचि देवी को सदर अस्पताल लाते-लाते उसके परिजन बेदम हो गये. महिला को अस्पताल ले जाने के लिए जब 102 एंबुलेंस नहीं मिला, तो परिजन उसे ऑटो से सदर अस्पताल के लिए निकले. लेकिन रास्ते में ही उसका […]

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गंभीर हालत में परिजन लेकर पहुंचे अस्पताल डॉक्टर ने किया इलाज
मुजफ्फरपुर : करजा की गर्भवती महिला रुचि देवी को सदर अस्पताल लाते-लाते उसके परिजन बेदम हो गये. महिला को अस्पताल ले जाने के लिए जब 102 एंबुलेंस नहीं मिला, तो परिजन उसे ऑटो से सदर अस्पताल के लिए निकले. लेकिन रास्ते में ही उसका गर्भपात हो गया. परिजन उसे किसी तरह लेकर अस्पताल पहुंचे और ऑटो से उतार कर अस्पताल के महिला वार्ड में पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया. इसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ. रुचि सात माह की गर्भवती थी.
यह परेशानी केवल रुचि के साथ नहीं है, बोचहां कि रीता देवी, कांटी की संगीता कुमारी और मुशहरी की मालती देवी भी ऑटो से प्रसव कराने सदर अस्पताल पहुंची थीं. ये सभी महिलाएं एंबुलेंस नहीं मिलने पर ऑटो व रिक्शे से इलाज कराने अस्पताल पहुंची थीं.
पीएचसी गये तो कहा गया हड़ताल पर हैं एंबुलेंसकर्मी
रुचि के परिजन किरण कुमारी ने कहा कि शनिवार को रुचि के पेट में अचानक दर्द उठा. इसके बाद उसे लेकर पीएचसी पहुंचे. डॉक्टरों ने देखने के बाद उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया. परिजनों ने जब एंबुलेंस की मांग की, तो जवाब मिला कि एंबुलेंस चालक हड़ताल पर हैं, किसी अन्य वाहन से लेकर जाएं. इसके बाद परिजन रुचि को ऑटो से लेकर सदर अस्पताल के लिए चले थे.
17 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं एंबुलेंसकर्मी
एंबुलेंसकर्मियों गत छह सितंबर से हड़ताल पर हैं. इससे बीमार व गरीब मरीजों की आवाजाही काफी कठिन हो गयी है. अस्पताल परिसर में डीपीएम कार्यालय के सामने हड़ताली कर्मियों ने अपनी-अपनी एंबुलेंस लगा रखी है और एंबुलेंस पर हड़ताल का स्टीकर लगा दिया है.
एक ओर जहां सरकारी एंबुलेंस ठप है, वहीं सदर अस्पताल के अंदर प्राइवेट वाहन वाले सक्रिय हो गये हैं. डीपीएम कार्यालय के सामने प्राइवेट एंबुलेंस के जमावड़े पर किसी अधिकारी की नजर नहीं है. नतीजतन, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद उनके घर तक छोड़ने के लिए प्राइवेट ऑटो चालक मनमाना भाड़ा वसूल रहे हैं.
सदर अस्पताल में एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल का यहां होनेवाले प्रसव पर भी पड़ा है. हड़ताल के कारण पिछले 16 दिनों में सदर अस्पताल में मात्र 50 प्रसव हुए हैं. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनके चौधरी ने भी माना कि एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल से गर्भवती महिलाएं प्रसव कराने अस्पताल नहीं आ रही हैं. इस कारण अस्पताल में प्रसव कम हो रहे हैं.
इधर प्रसव वार्ड की नर्स का कहना है कि अस्पताल में सामान्यत: प्रतिदिन आठ से दस प्रसव होते थे. लेकिन अभी इसकी संख्या बहुत कम हो गयी है. प्रसव के लिए पहले गर्भवती महिलाएं एंबुलेंस के लिए फोन किया करती थीं या फिर पीएचसी से रेफर कर दी जाती थीं, लेकिन एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल से एेसा नहीं हो पा रहा है.
मांग पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
जिले के एंबुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को 17वें दिन भी जारी रही. हड़ताल के दौरान कर्मियों ने जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय पर प्रदर्शन किया. इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल अस्पताल अधीक्षक मेंहदी हसन के कार्यालय में पहुंच पशुपति नाथ डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड के एचआर विकास कुमार के साथ वार्ता की. संघ के अध्यक्ष मो मुस्लिम ने कहा कि पशुपति नाथ डिस्ट्रीब्यूटर्स प्राइवेट लिमिटेड पटना से वार्ता विफल रही है.जब तक कर्मचारियों का वेतन व नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं किया जायेगा, हड़ताल जारी रहेगी.
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