दारोगा आत्महत्या मामले की सीआइडी जांच शुरू

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कांटी: पानापुर करियात ओपी में पदस्थापित दारोगा संजय गौड़ की मौत की मामले की जांच सीआइडी के स्पेशल टीम ने पानापुर ओपी पहुंचकर की. सीआइडी की इंस्पेक्टर अनिता गुप्ता की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की. कांटी थानेदार रघुनाथ प्रसाद व सुदर्शन राम से भी कई मामलों की जानकारी ली. जिस कमरे में खुदकुशी की घटना हुई, उसका बारीकी से निरीक्षण किया गया. घटना के समय मौजूद पुलिससकर्मियों का बंद कमरे में बारी-बारी से बयान दर्ज कर ओपी अध्यक्ष जनार्दन सिंह, चौकीदार उमाशंकर समेत अन्य पुलिसकर्मियों पूछताछ की गयी. निलंबित दारोगा मो़ हारुण को पुलिस लाइन से बुलाकर टीम ने पूछताछ कर सुबह से लेकर घटना होने तक की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि संजय ने उनके शौच जाने के दौरान गोली मार ली थी.
रविवार को दरोगा संजय गौड़ ने कांटी के पानापुर करियात ओपी परिसर में ही अपने सिर में गोली मार आत्महत्या कर ली थी. ओपीध्यक्ष के बयान पर कांटी थाने में यूडी केस दर्ज किया गया है. एसएसपी ने दारोगा मो. हारुण सही तरीके से हथियार नहीं रखने व शव छोड़ कर भागने को लेकर सिविल जमादार सिद्धनाथ राम को निलंबित कर दिया था.
विशेष शाखा ने की जांच
स्पेशल ब्रांच के इंस्पेक्टर अनिल कुमार ठाकुर के नेतृत्व में एक टीम पानापुर पहुंची. टीम में शामिल सदस्य मो हारुण द्वारा दर्ज कराये गये सनहा की जांच की. उपस्थित दारोगा हारुण,चौकीदार उमाशंकर राय से घटना की जानकारी लेने के बाद कमरे का भी निरीक्षण किया.आसपास के दुकानदारों व स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि दारोगा संजय के कई दिनों से तनाव में थे. मृत दारोगा के परिजनों को अनुकंपा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की कवायद शुरू हो गयी है. एसएसपी ने बताया कि आवेदन मिलते ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे अनुकंपा समिति के पास भेजा जायेगा.
सीवान के मुड़ा कर्मवार गांव पहुंचे डीएसपी
एसएसपी के निर्देश पर डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद एफएसएल टीम के साथ मुड़ा कर्मवार गांव पहुंच कर परिजनों से मुलाकात की. पुलिस टीम द्वारा शव रख चले जाने पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि पुलिस कमिर्यों ने नियमों का उल्लंघन किया है.जिसके लिए उन्हें दंडित किया जा चुका है. डीएसपी ने आश्वासन देते हुए हर सहयोग व जांच का भरोसा दिया. परिजनों का कहना था कि उनलोगों को सही समय पर सूचना नहीं दी गयी. अब क्या मुआवजा मिलेगाा. डीएसपी ने उन्हें पूरी विभागीय प्रक्रिया से अवगत कराते जानकारी दी.
परिजनों को मिलेगी 13 लाख की राशि
दारोगा संजय के परिजनों को एसएसपी से लेकर सभी पुलिसकर्मी अपने दो दिन का वेतन सहायता राशि के रूप में देंगे. इसकी घोषणा मुजफ्फरपुर एसपी विवेक कुमार ने की. उन्होंने बताया कि यह राशि करीब 13 लाख के करीब होगी. आमतौर पर एक दिन का वेतन देने की परंपरा रही है. पर एसएसपी की पहल पर यह राशि बढ़ा कर दी जा रही है. एसएसपी विवेक कुमार ने बताया कि सब इंस्पेक्टर संजय मेरी टीम के अंग थे. इस घटना का मुझे भी दुःख है. मैं उनके परिवार के साथ हूं और मेरे तरफ से जो भी संभव होगा करूंगा. संजय के परिजनों को दो दिन के वेतन की राशि के साथ ही शीघ्र ही सरकारी नियमानुसार सहायता और सेवा की सभी सुविधा और सहायता दी जायेगी.
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