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शिक्षा, समता व उद्यमिता के माध्यम से ही बिहार को आगे ले जा सकते हैं : विकास वैभव

Updated at : 05 Jul 2025 7:20 PM (IST)
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शिक्षा, समता व उद्यमिता के माध्यम से ही बिहार को आगे ले जा सकते हैं : विकास वैभव

लेट्स इंस्पायर बिहार के प्रणेता सह पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने युवाओं को इतिहास से प्रेरणा लेकर बिहार को विकसित बनाने में अपनी भूमिका अदा करने की अपील की.

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सरस्वती विद्या मंदिर में लेट्स इंस्पायर बिहार के तत्वावधान में युवा संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

मुंगेर. लेट्स इंस्पायर बिहार के प्रणेता सह पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने युवाओं को इतिहास से प्रेरणा लेकर बिहार को विकसित बनाने में अपनी भूमिका अदा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षा, समता और उद्यमिता के माध्यम से ही हम बिहार को आगे ले जा सकते हैं. वे शनिवार को सरस्वती विद्या मंदिर पुरानीगंज में युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास काफी समृद्ध रहा है. हर क्षेत्र में बिहार में संपूर्ण विश्व को रास्ता दिखाया है. लोकतंत्र की शुरुआत भी बिहार से ही हुई. हमें चिंतन करना चाहिए कि जब हमारा इतिहास इतना समृद्ध और वैभवशाली था तो वर्तमान में हम इतना पीछे क्यों हैं. बिहार की प्रति व्यक्ति आय महज पांच हजार रुपये है. ऐसे में यदि हम 15 प्रतिशत विकास दर से भी आगे बढ़ते हैं तो सिक्किम के समान बनने में कई दशक लग जायेंगा. उन्होंने कहा कि बिहार में पहले भी जाति व्यवस्था थी, लेकिन जातिवाद इतना प्रभावी नहीं था. यदि ऐसा होता तो नंद वंश का साम्राज्य मगध में नहीं होता. आचार्य चाणक्य कभी चंद्रगुप्त को सम्राट नहीं बनाते. वर्तमान समय में जातिवाद का चेहरा इतना विद्रूप हो चुका है कि लोग विकास की बात करने वाले को नहीं चुनते और जाति के नाम पर वोट करते हैं. बिहार को विकसित करने के लिए समाज के हर वर्गों को जोड़कर तथा जाति, संप्रदाय के विचार से ऊपर उठकर शिक्षा, समता और उद्यमिता पर काम करना होगा. हमारा लक्ष्य है कि बिहार आर्थिक रूप से उन्नत हो. इसके लिए बड़ी संख्या में कुशल युवा बड़ी संख्या में योगदान दें, क्योंकि बिहार की 14 करोड़ में 9 करोड़ आबादी युवाओं की है. भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट जयराम विप्लव ने कहा कि हार उसी की होती है जो हार मान लेता है और जीत उसकी होती जो जीत की ठान लेता है. मुंगेर इमरजेंसी हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ हर्षवर्धन ने एक कविता ”उलझनों से डरे नहीं, कोशिश करें बेहिसाब, इसी का नाम है जिंदगी, चलते रहिए जनाब” के माध्यम से अपनी बातों को रखा. उन्होंने कहा कि युवा वर्तमान हैं और भविष्य के निर्माता भी. नौकरी देने वाला बनने का भाव युवाओं के मन में जगेगा तो बिहार नंबर वन बनेगा. मौके पर राजेश जैन, सौरभ कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, शुभंकर झा सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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