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गेहूं खरीद : रफ्तार धीमी, 24 दिनों में मात्र 8.6 एमटी की ही खरीद

Updated at : 24 Apr 2025 12:03 AM (IST)
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गेहूं खरीद : रफ्तार धीमी, 24 दिनों में मात्र 8.6 एमटी की ही खरीद

अब तक 12 किसानों से जिला सहकारिता विभाग कर सका है खरीद, गेहूं खरीद में सरकारी एमएसपी को टक्कर दे रहा खुला बाजार

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मुंगेर. जिले में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं खरीद की रफ्तार पर मानो ग्रहण लग गया है. एक अप्रैल से प्रारंभ गेहूं खरीद की प्रक्रिया 15 जून तक चलेगी. 24 दिनों में अब तक 12 किसानों से जिला सहकारिता विभाग मात्र 8.6 मिट्रिक टन ही गेहूं की खरीद कर सका है.

विभाग से मिली सूचना के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से जिले में गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई. जिले के 9 प्रखंडों में गेहूं खरीद के लिए 49 पैक्स और 2 व्यापार मंडल का चयन किया गया, लेकिन अधिकांश पैक्स में गेहूं की खरीदारी का खाता तक नहीं खुल सका है. 24 दिन बीत जाने के बाद जिले के मात्र 12 किसानों ने ही सरकार के पास अपना गेहूं बेचा है. इन 12 किसानों से मात्र 8.6 एमटी ही गेहूं की खरीद की जा सकी है. सर्वाधिक दो एमएटी गेहूं की खरीदारी तारापुर में हुई है. वहीं हवेली खड़गपुर में 1.7 एमटी खरीद की गयी है.

वर्ष 2024 में पिछड़ गया था मुंगेर जिला

गेहूं खरीद शुरू होने के पहले दिन एक अप्रैल को 26 क्विंटल गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल के दर से तीन पैक्स ने की थी. इसमें जमालपुर प्रखंड के इटहरी और टेटियाबंबर प्रखंड के टेटिया पैक्स में 8-8 क्विंटल और तारापुर प्रखंड के खैरा पैक्स में 10 क्विंटल गेहूं की खरीद की थी. इस परिणाम को देखने के बाद लगता है कि गेहूं खरीद में कोई खास दिलचस्पी विभाग और पैक्स को नहीं है. विदित हो कि मुंगेर जिले को 2024-25 में 5957 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन बाजार मूल्य अधिक होने के कारण मात्र 27.5 टन ही खरीद हो पायी थी. जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की जो रफ्तार है. उससे लगता है कि इस वित्तीय वर्ष में भी गेहूं खरीद कोई खास नहीं होने वाली है.

गेहूं खरीद में सरकारी एमएसपी को टक्कर दे रहा खुला बाजार

सरकार का पैक्सों के माध्यम से गेहूं खरीद का अभियान इस गर्मी के मौसम में भी ठंडा पड़ गया है. पिछले साल की तुलना में इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है. इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. प्रभात पड़ताल में पाया गया कि सरकार की ओर से निर्धारित गेहूं की एमएसपी और बाजार मूल्य में बड़ा अंतर नहीं है. लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल प्राप्त करने के लिए गेहूं बेचने में बोरा देने के साथ केंद्र तक गेहूं ले जाने समेत अन्य खर्च भी किसानों को करना पड़ता है. जबकि गांवों में 2500 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल किसानों का गेहूं बिक जा रहा है. बताया जा रहा है कि बाहर में गेहूं की मांग अधिक है. यही स्थिति और कुछ दिनों तक रही तो कई पैक्स गेहूं की खरीदारी से वंचित रह जाएंगे.

बारिश ने भी रफ्तार की धीमी

पिछले दिनों आयी आंधी- बारिश और ओलावृष्टि से कुछ क्षेत्र में गेहूं की तैयारी प्रभावित हुई है. क्योंकि अधिकांश खेतों में गेहूं की फसल खड़ी थी अथवा काटने के बाद खेत में ही पड़ी हुई थी. जो भींग गयी और इससे भी तैयारी पर असर पड़ा है. बावजूद इसके इस साल गेहूं का उत्पादन काफी अच्छा रहा. लेकिन आंधी, बारिश व ओलावृष्टि के कारण गेहूं के दाने में कालापन आ गया है और गेहूं का दाना कमजोर है. जिन किसानों ने गेहूं की फसल पहले तैयार की है, वैसे किसान अब वह गेहूं 2425 रुपये प्रति क्विंटल बेचने को तैयार नहीं हैं.

सरकार को गेहूं देने में किसान नहीं दिखा रहे दिलचस्पी

जिले में 302 किसानों ने सरकार के पास गेहूं बेचने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा रखा है. जिसका रकबा 1820.58 एकड़ है. इसमें रैयत किसानों की संख्या 253 है और रकबा 1387 एकड़ है. जबकि गैर रैयत किसानों की संख्या 49 है. इसके बावजूद 24 दिनों में मात्र 12 किसानों ने ही सरकार को गेहूं दिया है. असरगंज के किसान विवेकानंद सिंह का कहना है कि सरकारी स्तर पर निर्धारित दर और बाजार मूल्य में अंतर है. वह अंतर किसानों को खरीद केंद्र तक गेहूं आपूर्ति करने में होने वाले खर्च के बाद बराबर कर देता है. गेहूं उनके खेत खलिहान से ही बिक जा रहा है. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ना चाहिए. वहीं हवेली खड़गपुर के किसान कृष्णानंद मंडल ने कहा कि जब बाजार में अच्छी कीमत मिल रही है, तो सरकार को क्यों दें.

कहते हैं जिला सहकारिता पदाधिकारी

जिला सहकारिता पदाधिकारी नवीन मोहन प्रसाद ने बताया कि यह बात सही है कि गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी है, लेकिन अभी मात्र 24 दिन ही बीते हैं. 15 जून तक गेहूं की खरीद होनी है. किसानों को भी सरकारी केंद्रों पर गेहूं देने के लिए जागरूक किया जा रहा है. बारिश के कारण भी कुछ असर पड़ा था. आने वाले दिनों में गेहूं खरीद में तेजी आने की संभावना है.

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गेहूं खरीद की प्रखंडवार स्थिति (एमटी में )

प्रखंड का नाम पैक्स व व्यापार मंडल किसान प्राप्त गेहूं

असरगंज 01 01 0.500

बरियारपुर 02 01 0.500

धरहरा 8 1 01 0.500

खड़गपुर 17 1 02 1.700

जमालपुर 02 01 0.800

संग्रामपुर 03 01 0.500

तारापुर 09 02 2.000

टेटियाबंबर 07 03 2.100

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIRENDRA KUMAR SING

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BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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