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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम देश की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पहचान है : एडीआरएम

Updated at : 07 Nov 2025 8:49 PM (IST)
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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम देश की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पहचान है : एडीआरएम

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को जमालपुर रेलवे स्टेशन पर रेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय गीत गाया.

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जमालपुर. राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को जमालपुर रेलवे स्टेशन पर रेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय गीत गाया. नेतृत्व करते हुए मालदा डिवीजन के एडीआरएम शिवकुमार प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ा हुआ है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना की है और उनके उपन्यास आनंद मठ में यह सर्वप्रथम प्रकाशित हुआ था. इस गीत की रचना 1870 में हुई थी और 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में पहली बार कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर ने कोलकाता में इसे गाया था. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम अक्षय नवमी के शुभ अवसर पर सात नवंबर 1875 को लिखा गया था. इस गीत को गाने में एक मिनट पांच सेकंड का समय लगता है. एडीआरएम ने कहा कि वंदे मातरम का नारा सर्वप्रथम 1918 में मदन मोहन मालवीय ने दिया था. राष्ट्रीय गीत देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है. मौके पर स्टेशन प्रबंधक दीपक कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीरज कुमार, अजय कुमार सिंह सहित कमर्शियल और विभिन्न विभागों के रेलकर्मी तथा आरपीएफ के जवान मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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