उदासीनता : सूचना भवन में धूंल फांक रहा करोड़ों के योजनाओं का शिलापट, ढूढ़ रहा स्थल

शिलापटों की कभी सफाई नहीं होती है.
सीएम से लेकर सांसद तक के नाम लिखा शिलापट योजना स्थल पर लगने का कर रहा इंतजार
मुंगेरमुंगेर जिला प्रशासन के अधिकारियों से भरे सूचना भवन में पिछले कई महीनों से करोड़ों के योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्याय से जुड़े 100 से अधिक शिलापट धूंल फांक रहा है. जिसको बनाने पर लाखों रूपये सरकारी राजस्व खर्च किये गये है. जिस पर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तक के नाम लिखे है. जिन्होंने इन योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया थे. लेकिन न तो संबंधित विभाग इसे ले जा रहा है और न ही योजना स्थल पर शिलापट लगाये जा रहे.
लाखों रूपये का शिलापट सूचना भवन में पड़ा है बेकार
समाहरणालय के समीप सूचना भवन है. जिसमें उप विकास आयुक्त का कार्यालय है. जबकि जिला पंचायती राज कार्यालय, निर्वाचन कार्यालय सहित आधे दर्जन से अधिक कार्यालय यहां संचालित हो रही है. जहां प्रतिदिन अधिकारियों व कर्मियों का आना-जाना कार्यालय अवधी में लगा हुआ है. जिस सीढी से उप विकास आयुक्त चढ़ते व उतरते हैं उस सीढी के नीचे और बरामदे पर इधर-उधर 100 से अधिक की संख्या में विभिन्न योजनाओं से जुड़े उद्घाटन व शिलान्यास का शिलापट रखा हुआ है. जो पिछले कई महीनों से यूं ही यहां पर धूल फांक रहा है. शिलापट पर धूल जमा हो गया है. क्योंकि इन शिलापटों की कभी सफाई नहीं होती है. जबकि कीमती मार्बल की खरीदारी कर इस पर माननीय का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया गया है. जिसे किसी एजेंसी ने आपूर्ति की थी. इन शिलापटों को तैयार में लाखों रूपये खर्च किये गये होंगे. जिसका भुगतान इसे आपूर्ति करने वाले एजेंसियों को किया गया होगा.
योजना स्थल को ढूढ़ रही शिलापट, जिम्मेदार लापरवाह
सूचना भवन में जो शिलापट बेकार पड़ा है. उस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री सह सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित राज्य के कई मंत्री एवं स्थानीय विधायक तथा माननीय का नाम लिखा हुआ है. पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, मदर डेयरी, नगर विकास एवं आवास विभाग, लघु जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों से जुड़ा हुआ है. इन शिलापट में उद्घाटन व शिलान्याय का शिलापट शामिल है. लेकिन शिलापट योजना स्थल को ढूढ़ रही है. ताकि योजना स्थल पर खुद को खड़ा कर सके. लेकिन इसे संबंधित विभाग इसे ले जा रहे है. हाल यह है कि इसके लिए जिम्मेदार पूरी तरह से मौन धारण किये गये है. जिसके कारण शिलापट को योजना स्थल पर जगह नहीं मिल पा रही है.
योजना का कार्य शुरू होने से पहले लगना है शिलापट
नियमानुसार किसी भी योजना की शुरूआत होती है तो उससे पहले योजना स्थल पर शिलापट्ट लगाया जाता है. क्योंकि जब भी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री योजनाओं का एकीकृत उद्घाटन व शिलान्यास करते है तो एक ही जगह से कर देते है. जिसके कारण शिलापट को संबंधित विभाग को ले जाना है अथवा वरीय अधिकारी शिलापट को संबंधित विभाग भेज देती है. लेकिन शिलापट आज सूचना भवन में धूल फांक रही है.
कहते हैं उप विकास आयुक्त
उप विकास आयुक्त अजीत कुूमार सिंह ने बताया कि यहां पर जो शिलापट है उससे संबंधित विभाग को शिलापट ले जाने का निर्देश दिया गया है. जिन योजना स्थल पर काम करना होता है अथवा शुरू किया जा रहा है शिलापट संबंधित विभाग ले जा रहे है.
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