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तीन दिसंबर तक 100 करोड़ रुपये की निकासी व ऋण वितरण का लक्ष्य : डीएम

Updated at : 21 Nov 2025 6:15 PM (IST)
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तीन दिसंबर तक 100 करोड़ रुपये की निकासी व ऋण वितरण का लक्ष्य : डीएम

संग्राहालय सभागार में शुक्रवार को जीविका का एक दिवसीय जिला स्तरीय बैंकिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया

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संग्राहालय सभागार में जीविका का एक दिवसीय जिला स्तरीय बैंकिंग कार्यशाला

मुंगेर.

संग्राहालय सभागार में शुक्रवार को जीविका का एक दिवसीय जिला स्तरीय बैंकिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें जिले के सभी बैंक सखी, विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रतिनिधि, रीजनल हेड, डीसीओ व शाखा प्रबंधक सहित जीविका के परियोजना कर्मियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर, जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अमित कुमार व राज्य परियोजना प्रबंधक (सूक्ष्म वित्त) मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया. डीएम ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए बैंकिंग सहयोग को और सुदृढ़ करना है. तीन दिसंबर तक जिले के विभिन्न बैंकों द्वारा 100 करोड़ रुपये की निकासी व ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिससे जीविका दीदियों को अपने आजीविका संवर्द्धन गतिविधियों को गति देने में सहयोग मिलेगा. इससे हजारों महिलाओं को छोटे व्यवसाय, कृषि आधारित कार्य, पशुपालन, दुकानदारियों व अन्य आयवर्धक गतिविधियों में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा. उन्होंने कहा कि जीविका दीदियां आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं. बैंक व जीविका के समन्वित प्रयासों से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सुलभ वित्तीय सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं. उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लक्षित राशि के वितरण में पूर्ण सहयोग प्रदान करें और किसी भी प्रकार की देरी को दूर करने के लिए विशेष कैंप चलायें. उन्होंने निर्देश दिया गया कि विभिन्न बैंकों में लंबे समय से लंबित पड़े स्वयं सहायता समूहों के बचत खाते, ऋण आवेदनों व पेंडिंग डॉक्यूमेंट्स की तत्काल समीक्षा कर उन्हें सही कर शीघ्र अनुमोदित किया जाये. बैंक सखियों को भी प्रक्रिया को तेज करने और समूहों की सहायता करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण व मार्गदर्शन प्रदान किया गया. राज्य परियोजना प्रबंधक ने कहा कि बिहार में जीविका मॉडल महिलाओं के आर्थिक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन चुका है. बैंक और जीविका का संयुक्त प्रयास ग्रामीण परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RANA GAURI SHAN

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By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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