रोगियों को बांट दी गयी बिना मानक वाली गैस की रैविप्राजोल टैबलेट

जिले में सदर अस्पताल या किसी स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को गलत या बिना मानक वाले दवा देने का मामला सामने आता रहा है.
औषधी नियंत्रण विभाग ने लिखा पत्र
मुंगेर. जिले में सदर अस्पताल या किसी स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को गलत या बिना मानक वाले दवा देने का मामला सामने आता रहा है. लेकिन इस बार जिला औषधी नियंत्रण विभाग ने जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को मिल रहे दवाओं के मानक पर बड़ा सवाल कर दिया गया है, क्योंकि जांच में गैस की दवा रैविप्राजोल के टीआरए 505 बैच की दवा मानक के अनुरूप नहीं पायी गयी है.जिला औषधी नियंत्रक शिवकिशोर प्रसाद ने जिलाधिकारी, सिविल सर्जन के साथ दवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी बीएमएसआइसीएल को पत्र भेजा है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय दवा भंडार से बैच नंबर टीआरए-505 से गैस की दवा रैविप्राजोल की जांच की गयी थी, जो मानक के अनुरूप नहीं पायी गयी है.
रिपोर्ट आने के पहले ही बांट दी गयी मरीजों को दवा
जिला औषधी नियंत्रक ने भले ही रैविप्राजोल के टीआरए-505 बैच की दवा को मानक अनुरूप नहीं होने के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा है, लेकिन इस बैच की रैविप्राजोल दवा पहले ही जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में केंद्रीय दवा भंडार से न केवल पहुंच चुकी है, बल्कि इसमें से आधे से अधिक दवायें मरीजों के बीच बांट भी दी गयी है. बता दें कि सदर अस्पताल के पुरुष व महिला वार्ड में इन दिनों रैविप्राजोल की दवा, जिस बैच की दी जा रही है. वह भी टीआरए-505 की है. अब ऐसे में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को गैस की कौन की दवा मिल रही है. इसे समझा ही जा सकता है, जबकि गैस की दवा सामान्य रूप से दी जाने वाली दवा है और इसके मरीज भी अधिक होते हैं.
यदि औषधी विभाग के अनुसार उक्त बैच की दवा मानक अनुरूप नहीं है, तो इस दवा को स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को दिये जाने से रोक दिया जायेगा. साथ ही विभागीय निर्देशानुसार इस बैच की दवा के लिए आगे की कार्रवाई की जायेगी.डॉ राजू, सिविल सर्जनB
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