नेताजी की जयंती पर विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प

बलिदान और समर्पण को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद करेंगी
मुंगेर नेताजी सुभाषचंद्र बोस में अदम्य साहस और भारत माता के प्रति अपार प्रेम था. उनके विचार और बलिदान आज भी युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं. ये बातें सरस्वती विद्या मंदिर में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि नेताजी के आजाद हिंद फौज का गठन भारत के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम था. जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी. इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य ने उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह, बालिका खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या राखी कुमारी, प्राथमिक खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या सुजीता कुमारी के साथ संयुक्त रुप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी के तस्वीर पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित कर किया. उपप्रधानाचार्य ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे ”तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” भारत की आजादी की लड़ाई में लाखों लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने ब्रिटिश शासन से लड़ने के लिये इंडियन नेशनल आर्मी की स्थापना की. बालिका परिसर की प्रभारी प्रधानाचार्या ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व जीवन न्योछावर कर दिया. उनका दिया ”जय हिंद” का नारा आज भी राष्ट्र के अभिवादन के रूप में प्रयोग होता है. उनके बलिदान और समर्पण को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद करेंगी. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




