सड़क निर्माण में उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना, डीएम को दिया पत्र

माननीय उच्च न्यायालय पटना के सीडब्लूजेसी नंबर- 4839/2010, दिनांक 19.04.2010 के निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय
मुंगेर मुंगेर शहर में इन दिनों सड़क व नाला निर्माण में एक ओर जहां अनियमितताओं को दौर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर मानकों को ताख पर रख कर निर्माण किया जा रहा है. यहां तक कि पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद पीसीसी सड़क निर्माण के गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा है. जबकि विभागीय स्तर पर भी न्यायालय के आदेश का पालन करने का निर्देश दिये जा रहे है. शहर के पूरबसराय थाना के सामने से रिफ्यूजीकॉलोनी तक बन रहे पीसीसी सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय अधिवक्ता पंकज कुमार सिंह सहित आधे दर्जन लोगों ने मुंगेर के जिलाधिकारी को पत्र देकर न्यायालय के आदेश पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है. जिलाधिकारी को दिये पत्र में बताया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय पटना के सीडब्लूजेसी नंबर- 4839/2010, दिनांक 19.04.2010 के निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय. जिसमें पीसीसी व आरसीसी सड़क निर्माण को लेकर न्यायालय ने तय मापदंड के अनुसार सड़क बनाने का निर्देश दिया था. एक ओर मुंगेर में सड़क बनाने के दौरान पुराने सड़कों की खुदाई कर उसे हटाने के मामले में अवहेलना की जा रही है, तो दूसरी ओर सड़क लोगों के आवास से ऊंचे बनते जा रहे है. हालांकि पटना उच्च न्यायालय ने 9 जनवरी 2024 को भी सीडब्लूजेसी नंबर-17517/2023 में अपने निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारी को दी है. विदित हो कि मुंगेर शहर में निर्माण एजेंसी नगर निगम, बुडको और पथ निर्माण विभाग द्वारा जो सड़क व नाले बनाये जा रहे है, उसमें निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. नाला निर्माण में तो बदहाली यह है कि लोगों के घरों से एक फीट से लेकर तीन फीट ऊंचे नाले बनाये जा रहे है. जो शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. इधर सड़क निर्माण को लेकर पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख सह अपर आयुक्त ने भी एक निर्देश जारी किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रमाणिक अनुमति के बिना किसी भी कीमत पर सड़कों की ऊंचाई नहीं बढ़ायी जाय. पत्र में पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश का भी जिक्र किया गया है, जिसमें शहरी इलाकों में सड़कों का लेबल अर्थात सतह ऊंचा नहीं करने के आदेश दिये गये है.
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