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जनरल बॉडी मीटिंग में नव्य मानवतावादी जगत निर्माण का लिया संकल्प

Updated at : 26 Oct 2025 10:23 PM (IST)
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जनरल बॉडी मीटिंग में नव्य मानवतावादी जगत निर्माण का लिया संकल्प

आनंद मार्ग प्रचारक संघ का आनंद संभूति मास्टर यूनिट अमझर कोलकाली में चल रहा विश्व स्तरीय धर्म महासम्मेलन तीसरे दिन रविवार को रात्रि कालीन सत्र के साथ समाप्त हो गया

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जमालपुर

आनंद मार्ग प्रचारक संघ का आनंद संभूति मास्टर यूनिट अमझर कोलकाली में चल रहा विश्व स्तरीय धर्म महासम्मेलन तीसरे दिन रविवार को रात्रि कालीन सत्र के साथ समाप्त हो गया. इस दौरान दोनों सत्र में पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत ने आध्यात्मिक प्रवचन किया. वहीं सेंट्रल जनरल सेक्रेटरी आचार्य अभी रामानंद अवधूत की अध्यक्षता में जनरल बॉडी मीटिंग की गई. इसके अतिरिक्त विप्लव विवाह का भी आयोजन हुआ. जिसमें मुंगेर के युवक ने वैशाली की युवती से शादी की. इस बीच 72 घंटे के बाबा नाम केवलम कीर्तन का भी समापन हुआ.

सभी जीव के लिए संवेदना प्रदान करता है नव्या मानवतावादी

केंद्रीय महासचिव आचार्य अभीरामानंद अवधूत के नेतृत्व में जनरल बॉडी मीटिंग में एक ऐसे जगत के निर्माण का संकल्प लिया गया. जिसमें पेड़-पौधे, जंतु, जानवर और मानव सहित सभी को रहने का अधिकार हो. उन्होंने कहा कि बाबा आनंदमूर्ति ने हम सबों को नव्या मानवतावादी कहा है. यह नव्या मानवतावादी सभी सजीव और निर्जीव के लिए जीवनी शक्ति और संवेदना प्रदान करता है. हमें सतर्क रहते हुए अपने मूल्यवान समय का प्रयोग इस प्रकार करना होगा कि अमावस की काली छाया हमारे अस्तित्व को न निगल जाए. किसी भी प्रकार का जात-पात, उच्च नीच, भेदभाव नव्या मानवतावाद के अनुसार उचित नहीं है. अतीत में कितने सिद्धांत और उपदेश दिए गए तथा कथित शांति के दूत दूत ही बनकर रह गए. उन्होंने कुछ काम नहीं किया. अब हमें खोखले उपदेश नहीं चाहिए. हम चाहते हैं कि व्यावहारिक जीवन में ऐसी चीज हो जो मानव समाज के विकास और उत्कृष्टता को प्राप्त करें.

विशुद्ध आनंद के लिए मुक्त कंठ से कीर्तन अनिवार्य

अपने आध्यात्मिक प्रवचन में पुरोधा प्रमुख ने प्रभात संगीत को मानस आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि विशुद्ध आनंद प्राप्त करने के लिए मुक्त कंठ से कीर्तन अनिवार्य है, क्योंकि वेद में कहा गया है कि स्वयं भगवान नारायण ने कहा है कि वह न तो बैकुंठ में रहते हैं, न ही जोगियो के हृदय की शांति में, बल्कि वह वहां निवास करते हैं. जहां उनके भक्त प्रेम पूर्वक उनका नाम गाते हैं. उन्होंने कहा कि योग की निषाद शांति में स्पंदन नहीं होता, परंतु भक्ति और कीर्तन की ऊर्जावान लहरें ब्रह्मांड तक विस्तृत होती है. जहां भाव भक्ति और प्रेम का उफान होता है. वही ईश्वर से हमको प्रकट करते हैं. जो न दाता है. वही सच्चा नारद है.

विप्लव विवाह कार्यक्रम हुआ संपन्न

समापन दिवस के दिन आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से विप्लव विवाह का कार्यक्रम संपन्न हुआ. इस वैवाहिक कार्यक्रम को वर्ग पक्ष से आचार्य विनीत कुमार देव एवं वधू पक्ष से आनंद मार्ग की महिला पुरोहित अवधूतिका आनंद चित्र प्रभा आचार्या ने संपन्न कराया. मुंगेर के युवक कुंदन कुमार देव का विवाह वैशाली की शिल्पी कुमारी से वैदिक मंत्र उच्चारण के बीच संपन्न हुआ. इस मौके पर उपस्थित आनंद मार्गियों ने एक स्वर में नव दंपति के सुख में जीवन के लिए कामना की. केंद्रीय जनसंपर्क सचिव आचार्य कल्याण मित्रानंद अवधूत ने बताया कि आनंद मार्ग में जाति-पाति, रंग भेद, नस्लवाद और दहेज प्रथा को दूर करने के लिए अंतर्जातीय क्रांतिकारी विवाह का आयोजन किया जाता है. इस विवाह में व एवं वधु दोनों के परिवार की सहमति अति आवश्यक है.

मौके पर थे उपस्थित

इस मौके पर आचार्य मधुव्रतानंद अवधूत, आचार्य शुभ निर्यासानंद अवधूत, आचार्य प्रणवेशानंद अवधूत, आचार्य विश्वअर्पणनंद अवधूत, आचार्य संपूर्णानंद अवधूत, आचार्य रविंद्र आनंद अवधूत, आचार्य मंत्र जापानंद अवधूत, आचार्य नाभितानंद अवधूत, आचार्य सवितानंद अवधूत, आचार्य सिद्धेश्वर आनंद अवधूत, आचार्य मेघ दीपानंद अवधूत, आचार्य पुष्पेंद्र आनंद अवधूत, अवधुतीका आनंद देवर्त आचार्य और प्रद्युमन नारायण सिंह मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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