जमालपुर में आशा चयन पर उठे सवाल, 35 नियुक्तियों में 60 हजार से 1 लाख तक लेनदेन का आरोप; जांच के आदेश

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर | Prabhat Khabar Network

जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं के चयन में धांधली और पैसों के लेनदेन के गंभीर आरोप लगे हैं. 35 नियुक्तियों में लाखों के लेन-देन के दावों के बीच अब स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं. मामले की जांच रिपोर्ट तय करेगी की सरकारी राशि के दुरुपयोग और चयन प्रक्रिया में कितनी सच्चाई है.

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Munger News: जमालपुर में आशा कार्यकर्ताओं के चयन को लेकर गंभीर आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गयी है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा चयन प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितता और पैसे के लेनदेन के आरोपों की अब जांच होगी. मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने मंगलवार को मामले की जांच कराने की बात कही है.

मामला सिर्फ आशा चयन तक सीमित नहीं है. रोगी कल्याण समिति की कथित फर्जी बैठक और प्रस्ताव के आधार पर लाखों रुपये की निकासी का आरोप भी लगाया गया है. दोनों मामलों को लेकर प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष मुनीलाल मंडल ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है.

35 आशा कार्यकर्ताओं के चयन पर सवाल

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 35 आशा कार्यकर्ताओं के चयन में सरकारी गाइडलाइन, मेरिट और आरक्षण के प्रावधानों की अनदेखी की गयी. शिकायतकर्ता का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गयी.

सबसे गंभीर आरोप पैसे के लेनदेन को लेकर है. शिकायत में दावा किया गया है कि आशा चयन के लिए अभ्यर्थियों से कथित तौर पर 60 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि ली गयी. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चयन प्रक्रिया में वास्तव में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं.

रोगी कल्याण समिति की बैठक को लेकर भी विवाद

इसी शिकायत में रोगी कल्याण समिति की कथित फर्जी बैठक का मामला भी उठाया गया है. आरोप है कि फर्जी बैठक और प्रस्ताव दिखाकर लाखों रुपये की निकासी की गयी.

शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पताल में सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े हो गये हैं.

विधायक ने भी जांच का दिया निर्देश

मामला स्थानीय विधायक नचिकेता मंडल के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने सिविल सर्जन से फोन पर बातचीत की. विधायक ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा.

विधायक ने कहा कि गरीब मरीजों के इलाज के लिए आने वाले सरकारी फंड में किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह जनता के साथ धोखा है और मामले में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

सिविल सर्जन बोले- जांच के बाद सामने आएगा सच

मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने मंगलवार को कहा कि जमालपुर में आशा चयन प्रक्रिया को लेकर सामने आये आरोपों की जांच की जाएगी. जांच के दौरान चयन से जुड़े दस्तावेज, प्रक्रिया और शिकायत में लगाए गये आरोपों की पड़ताल की जायेगी.

जांच के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.

पूर्व बीसीएम ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर जमालपुर के पूर्व बीसीएम आशुतोष कुमार ने खुद को निर्दोष बताया है. उन्होंने कहा कि आशा चयन की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की गयी थी. उनके अनुसार संबंधित क्षेत्र के वार्ड पार्षद के सहयोग से चयन प्रक्रिया पूरी की गयी.

ऐसे में अब जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी. जांच में चयनित 35 आशा कार्यकर्ताओं के दस्तावेज, मेरिट, आरक्षण रोस्टर और चयन प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड की जांच से आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है.

Munger News: जांच से खुलेगा चयन और राशि निकासी का राज

आशा कार्यकर्ताओं का चयन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए किया जाता है. ऐसे में यदि चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी या पैसे के लेनदेन की पुष्टि होती है, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर मामला माना जायेगा.

इसी तरह रोगी कल्याण समिति के नाम पर सरकारी राशि की कथित निकासी के आरोपों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी. अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच पर है कि शिकायत में लगाए गये आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है.

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विजय कुमार गुप्ता

लेखक के बारे में

By विजय कुमार गुप्ता

विजय कुमार गुप्ता 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ये सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक नब्ज को करीब से समझते हैं. इन्हें डिजिटल मीडिया में नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल के साथ प्रयोग करना बेहद पसंद है.

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