मुंगेर की मंडी में दाल से लेकर सरसों तेल तक महंगा, दो दिन में बढ़े दामों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 04 Jun 2026 9:28 AM

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Munger News : मुंगेर की मंडियों में महंगाई ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दाल, खाद्य तेल, आटा और अन्य रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है.

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मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट

Munger News : मुंगेर मंडी में पिछले दो दिनों के दौरान खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है. चना दाल, मसूर दाल और सरसों तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं का मासिक बजट गड़बड़ा दिया है. व्यापारियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है.

दालों ने बढ़ाई गृहिणियों की चिंता

रसोई का अहम हिस्सा मानी जाने वाली दालों के दामों में तेजी दर्ज की गई है. मंडी के व्यापारियों के अनुसार चना दाल में करीब 4 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जबकि मसूर दाल 2 से 3 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है. पहले से ऊंचे स्तर पर चल रही अरहर और मूंग दाल की कीमतें भी आम उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर होती जा रही हैं.

सरसों तेल की कीमत में बड़ा उछाल

खाद्य तेल के मोर्चे पर भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है. सरसों तेल के 15 लीटर वाले टीन की कीमत दो दिनों में 2500 रुपये से बढ़कर 2800 रुपये पहुंच गई है. यानी एक टीन पर सीधे 300 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका असर घरेलू खर्च पर साफ दिखाई दे रहा है.

माल ढुलाई खर्च बढ़ने से बढ़ी महंगाई

व्यापारियों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है. माल को मंडियों तक पहुंचाने का खर्च पहले की तुलना में अधिक हो गया है. यही वजह है कि खाद्यान्न और अन्य जरूरी वस्तुओं के दामों में लगातार उछाल देखा जा रहा है.

व्यापारी और उपभोक्ता दोनों परेशान

बाजार में महंगाई की दोहरी मार देखने को मिल रही है. एक ओर उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों का कहना है कि वस्तुओं की आवक और लागत दोनों प्रभावित हो रही हैं. इससे कारोबार पर भी असर पड़ रहा है.

मध्यमवर्ग और गरीब परिवारों पर सबसे ज्यादा असर

महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है. रसोई का मासिक बजट लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि आमदनी में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है. ऐसे में घर चलाना कई परिवारों के लिए चुनौती बनता जा रहा है.

मंडी में प्रमुख खाद्यान्नों के ताजा भाव

मुंगेर मंडी में गेहूं (लोकल) 2600 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं सरवती 3100 रुपये, मक्का 2100 से 2200 रुपये, मोटा चावल 3400 रुपये और अरवा मोटा चावल 3100 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है.बासमती चावल 12500 से 13500 रुपये प्रति क्विंटल, बाहरी चावल 5500 रुपये, मसूर दाल 7100 रुपये, मूंग दाल 9500 रुपये और अरहर दाल 11000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर उपलब्ध है.चना दाल 7300 रुपये, गोटा चना 6200 से 6400 रुपये, गोटा मूंग 8500 से 9000 रुपये, आलू 1200 से 1500 रुपये और प्याज 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. वहीं सरसों तेल का 15 लीटर वाला टीन 2800 रुपये में उपलब्ध है.

आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम

व्यापारियों का मानना है कि यदि परिवहन लागत और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना रहा तो आने वाले दिनों में खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में और वृद्धि हो सकती है. ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है.

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