Munger ASI: अगर सजग होती मुफस्सिल पुलिस तो नहीं जाती ASI संतोष की जान, पत्नी और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 16 Mar 2025 8:55 PM

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Munger ASI: डीआइजी के कड़े रुख को देखते हुए उनके निर्देश पर एसपी सैयद इमरान मसूद ने थाना में उस समय ओडी ड्यूटी में तैनात महिला पुलिस पदाधिकारी, डायल 112- के चालक एवं एक सिपाही को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. क्योंकि उनके साथ गयी पुलिसकर्मी ने उनको बचाने का प्रयास नहीं किया. ओडी ड्यूटी में तैनात महिला पुलिस पदाधिकारी ने घायल सौरभ की शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले बिना किसी वरीय पुलिस पदाधिकारी को बताये थाना से उसे वापस भेज दिया था.

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Munger ASI: मुंगेर जिला के मुफस्सिल थाना के नंदलालपुर गांव में जमादार (ASI) संतोष कुमार सिंह को धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गयी. वे दो पक्षों के बीच में हुए झगड़े को सुलझाने पहुंचे थे. जानकारी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में शुक्रवार की शाम होली खेलने के दौरान दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई. सूचना पर मुफस्सिल थाना की डायल-112 की पुलिस टीम जमादार संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में नंदलालपुर गांव पहुंची. इसी क्रम में एक पक्ष के लोगों ने जमादार संतोष कुमार सिंह के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.

कार्रवाई जारी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार की रात में ही रणवीर यादव, उसकी पत्नी मौसम कुमारी, विकास यादव व गुड्डू यादव को गिरफ्तार किया किया है, जबकि राजू यादव सहित अन्य अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. दूसरी ओर छापेमारी के दौरान पकड़े गये एक आरोपित ने पुलिस का इंसास छीन कर भागने का प्रयास किया. इसी क्रम में उसके पैर में पुलिस ने गोली मार दी. उक्त आरोपित पुलिस की गोली से घायल है.

डीआइजी राकेश कुमार का बड़ा खुलासा

डीआइजी राकेश कुमार ने बताया कि इस घटना में मुफस्सिल थानाध्यक्ष चंदन कुमार, ओडी ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारी व अन्य पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही दिखी है. अगर इन लोगों द्वारा समय पर कार्रवाई की गयी होती तो शायद जमादार की जान बच सकती थी. थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य पर कार्रवाई के लिए एसपी को आदेश दिया गया है.

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हथियार छीन कर भागने का प्रयास, पुलिस ने मारी गोली

गिरफ्तार आरोपित गुड्डू यादव को साथ में लेकर मुफस्सिल थानाध्यक्ष चंदन कुमार अन्य पुलिसकर्मी के साथ शनिवार की सुबह छापेमारी करने नंदलालपुर गांव जा रही थी. इसी दौरान बाकरपुर गांव के समीप बकरी को बचाने के चक्कर में चालक नियंत्रण खो दिया और वाहन पेड़ से टकरा गयी. जिसके बाद आरोपी गुड्डू एक पुलिसकर्मी का इंसास लेकर भागने का प्रयास किया.

पुलिसकर्मी ने रोकने का प्रयास किया तो उसने इंसास को कॉक दिया. इसके कारण सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी ने गुड्डू यादव के पैर में गोली मार दी. पुलिस ने घायल आरोपित और थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिसकर्मियों को शनिवार को ही प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी, जबकि घायल का इलाज पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल में चल रहा है.

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नंदलालपुर गांव में घटित घटनाओं को लेकर तीन प्राथमिकी दर्ज

नंदलालपुर गांव में हुए घटना को लेकर तीन प्राथमिकी मुफस्सिल थाने में दर्ज की गयी है. इसमें एक मामला पीड़ित सौरभ कुमार के बयान पर दर्ज किया गया है, जबकि दो मामला पुलिस ने खुद के बयान पर दर्ज किया है. नंदलालपुर गांव निवासी प्रदीप यादव के घायल पुत्र सौरभ कुमार के आवेदन पर मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया है. इसमें राजू यादव, गुड्डू यादव सहित पांच को नामजद किया गया है. उसने कहा कि जब वह थाना गया तो पुलिस पदाधिकारी ने उसे कहा कि पहले इलाज करा कर आओ. जब घर गये देखा एक पुलिसकर्मी अधिक खून बह जाने से बेहोश होकर गिर गया, जिसे राजू यादव व अन्य लगातार पीट रहे थे.

बाद में पुलिस पदाधिकारी को घसीट कर मेरे दरवाजे के बाहर फेंक दिया. इधर जमादार संतोष कुमार सिंह हत्याकांड को लेकर कार्रवाई में साथ गये बीएसएपी के जवान दीपक कुमार के बयान पर मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया है. इसमें आठ नामजद और अन्य अज्ञात को अभियुक्त बनाया गया है. इधर पुलिस का हथियार छीन कर भागने और उक्त हथियार से पुलिस पर फायरिंग करने के प्रयास मामले में पुलिस के बयान पर मामला दर्ज किया गया. इसमें गिरफ्तार गुड्डू को नामजद किया गया.

अंतिम विदाई देते डीआइजी, डीएम व एसपी

पुलिस लाइन में दी गयी अश्रुपूर्ण विदाई

मुंगेर के शहीद जमादार संतोष कुमार सिंह को शास्त्रीनगर स्थित पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों ने अश्रुपूर्ण विदाई दी. मातमी धुन के बीच पुलिसकर्मियों ने शस्त्र उल्टा कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया. जबकि मुंगेर रेंज के डीआइजी राकेश कुमार, डीएम अवनीश कुमार सिंह, एसपी सैयद इमरान मसूद ने शहीद जमादार को जहां अंतिम सलामी दी वहीं पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया. जबकि अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अश्रुपूर्ण विदाई दी.

तो नहीं जाती संतोष की जान

नंदलालपुर गांव में रणवीर यादव, राजू यादव के परिवार वाले होली के दौरान कई बार उपद्रव मचाया. डायल-112 पर कॉल आने के साथ शुक्रवार को अपराह्न 3 बजे भी डायल-112 की टीम जमादार संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में गांव पहुंची थी. लेकिन कम पुलिसकर्मी होने पर वह कार्रवाई नहीं कर पाये और सभी लौट गये. जिसके बाद टीम वापस थाना आ गयी. इसके कुछ देर बाद ही नंदलालपुर गांव निवासी प्रदीप यादव का पुत्र सौरभ कुमार घायलवस्था में मुफस्सिल थाना पहुंची. जहां पर एक महिला ओडी ड्यूटी में तैनात थी. जिसने सौरभ को कहा कि पहले अस्पताल जाकर इलाज कराओ.

इसी बीच कॉल आने के कारण पुन: डायल-112 की टीम जमादार संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में नंदलालपुर गांव पहुंची. जहां पर उन पर रणवीर यादव, राजू यादव व उनके घर वालों ने हमला कर दिया. लेकिन साथ गये पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया. अगर मुफस्सिल थाना पुलिस पहली बार की सूचना पर ही नंदलालपुर गांव में उपद्रवी परिवार पर कार्रवाई करती तो शायद जमादार की जान नहीं जाती.

हंसता खेलता परिवार छोड़ गये संतोष

मृतक जमादार संतोष कुमार सिंह कैमूर जिला के मोहनिया थाना अंतर्गत पिपरिया गांव का रहने वाला था. पिछले साल 2024 में ही उन्होंने मुफस्सिल थाना में अपना योगदान दिया था. मृतक अपने पीछे पत्नी अंजू देवी और 6 साल का एक बेटा कन्हैया कुमार छोड़ गया. जो पटना में रहता है. सूचना मिलते ही शुक्रवार को उसकी पत्नी व अन्य परिजन पटना निजी नर्सिंग होम पहुंच गयी थी. शनिवार को शव के साथ ही परिजन मुंगेर पहुंचे. गार्ड ऑफ ऑनर के उपरांत ससम्मान शव वाहन से जमादार का पार्थिव शरीर पटना ले जाया गया. इस दौरान पत्नी अंजू देवी व अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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