मकर संक्रांति को लेकर सजा बाजार, तिलवा-तिलकुट की जमकर हो रही बिक्री
Author Birendra kumar sing
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प्रकृति के साहचर्य व धार्मिक विधान के लिए महत्वपूर्ण लोकपर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जायेगा. इसमें मात्र दो दिन शेष बचे हैं. मकर संक्रांति को लेकर बाजार पूरी तरह से सज गया है
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जगदीशपुर के कतरनी चूड़ा से महका बाजार
मुंगेर. प्रकृति के साहचर्य व धार्मिक विधान के लिए महत्वपूर्ण लोकपर्व मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जायेगा. इसमें मात्र दो दिन शेष बचे हैं. मकर संक्रांति को लेकर बाजार पूरी तरह से सज गया है और जगह-जगह तिलवा, तिलकुट, चूड़ा, मुड़ी, लाई, तिल के लड्डू के दुकान सज गये हैं. जिसकी जमकर खरीदारी हो रही है. कुल मिलाकर मकर संक्रांति पर्व ने मुंगेर के बाजार में मिठास, परंपरा व उल्लास का रंग घोल दिया है. पूरा शहर पर्व के स्वागत में जुटा है.तिलकुट को ले बाजार गुलजार, दाम में आयी उछाल
बाजार में इस समय तिलकुट की सोंधी महक से पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा है. खोआ तिलकुट, खोआ स्पेशल तिलकुट, गुड़ व चीनी से बनी तिलकुट उपलब्ध है. गांधी चौक, शादीपुर सहित कई स्थानों पर प्रवासी कारीगर तिलकुट बनाने में व्यस्त हैं. गांधी चौक के अलावे बाजार में 200 से अधिक अस्थाई तिलकुट की दुकानें खुल गयी है. जहां विभिन्न वैरायटी के तिलकुट बिक्री के लिए रखे गये है. 220 से 500 रुपये किलो तक तिलकुट बिक रहा है.कतरनी चूड़ा, तिलवा, लाई की सोंधी खुशबू से महक रहा बाजार
जैसे-जैसे मकर संक्रांति नजदीक आ रही है. बाजारों की रौनक और बढ़ती जा रही है. बाजार में खरीदारों की भी भीड़ जुटने लगी है. एक ओर जहां जगदीशपुर का कतरनी चूड़ा की महक से बाजार गुलजार हो रहा है. वहीं चूड़ा, मुड़ी, धान के लावा का लाई की सोंधी खुशबू से बाजार महक रहा है. यहां पैक किया गया रेडिमेड लाई भी मिल रहा है. पहले तो अधिकांश परिवार में घर में ही लाई तैयार की जाती थी. महिलाएं चूड़ा व मुड़ी भूनकर गुड़ की चासनी में डाल लाई बनाती थी. वहीं तिल को पहले धोकर सूखाती थी और इसके बाद लाई तैयार करती थी, लेकिन अब तो रेडिमेड लाई से ही काम चलाया जाता है. बाजार में पैक लाई मिल रही है. 300 से 350 रुपये किलो मिलने वाली तिल की लाई इस बार 350 से 400 रुपये किलो मिल रही है. बादाम पापड़ी 250 से 300 रुपये किलो बाजार में मिल रही है.————————————–
बाजार में मकर संक्रांति में बिकने वाले सामानों के दाम पर एक नजर
जगदीशपुर कतरनी चूड़ा – 70 से 100 रुपये किलो
आवजूगंज वाला कतरनी चूड़ा – 70 रुपये किलोसुल्तानगंज का कतरनी चूड़ा – 60 रुपये किलो
मोटा चूड़ा – 45 से 50 रुपये किलोमुड़ी – 55 से 60 रुपये किलो
चीनी वाला तिलवा- 80 से 100 रुपये किलोमस्का तिलवा – 80-100 रुपये किलो
गुड़ बाला खोइया – 80 रुपये किलोगुड का तिलकुट- 280 से 300 रुपये किलो चीनी का तिलकुट- 280 से 300 रुपये किलो
खोआ तिलकुट – 500 रुपये किलोतिल का लड्डू- 400 रुपये किलो
तिल पपड़ी रोल- 350 रुपये किलोडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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