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बदहाल व्यवस्था : मात्र 21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही गर्भवतियों को मिल रही संस्थागत प्रसव की सुविधा

Updated at : 08 Oct 2025 6:33 PM (IST)
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बदहाल व्यवस्था : मात्र 21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही गर्भवतियों को मिल रही संस्थागत प्रसव की सुविधा

21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही गर्भवतियों के लिये प्रसव की सुविधा उपलब्ध है

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जिले में संचालित है 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, बावजूद प्रसव को लेकर प्रखंड व जिला मुख्यालय के अस्पतालों पर गर्भवती निर्भर

मुंगेर

सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार उप-स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में डेवलप कर रही है. जिसके लिये प्रतिमाह करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. लेकिन मुंगेर जिले में संचालित 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में मात्र 21 सेंटर पर ही गर्भवतियों को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो रही है. हाल यह है कि जिले में संचालित 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 140 एचडब्लूयसी पर वर्तमान में स्थायी सीएचओ है, लेकिन सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवतियों को अबतक प्रसव के लिये प्रखंड व जिला मुख्यालय में स्थित अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.

बता दें कि जिले के 9 प्रखंडों के 101 पंचायतों में मुंगेर स्वास्थ्य विभाग के अंर्तगत कुल 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हो रहा है. जिसमें केवल 21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही गर्भवतियों के लिए प्रसव की सुविधा उपलब्ध है. जबकि शेष 159 एचडब्लूसी क्षेत्र में गर्भवतियों को प्रसव के लिए दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल आना पड़ता है. अब ऐसे में जब सरकार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना के तहत गर्भवतियों को सुरक्षित प्रसव के लिये करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. वहीं मुंगेर जिले में अब भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवतियों को प्रसव के लिए अपने क्षेत्र से दूर सरकारी या निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है. नियमानुसार प्रत्येक एचडब्लूसी पर 14 प्रकार के जांच की सुविधा होनी है, लेकिन मुंगेर जिले में संचालित 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 12 प्रकार के जांच की सुविधा ही उपलब्ध है.

एचसीडी स्क्रीनिंग में भी पिछड़ रहे एचडब्लूसी

जिले में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एनसीडी रि-स्क्रीनिंग में भी लगातार पिछड़ रहे हैं. बता दें कि एनसीडी रि-स्क्रीनिंग में राज्य का औसत दर 36 प्रतिशत है. जबकि मुंगेर में संचालित 180 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर एनसीडी रि-स्क्रीनिंग का औसत दर 32 प्रतिशत ही है. बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के एचडब्लूसी पर कुल 5 लाख लोगों के एनसीडी रि-स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित है. जिसमें अबतक मात्र 80 हजार लोगों का ही एनसीडी रि-स्क्रीनिंग हो पाया है. हाल यह है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में बने एचडब्लूसी पर महिलाओं व पुरुषों के लिए एनसीडी स्क्रीनिंग के दौरान सरवाइकल, बेस्ट तथा ओरल कैंसर जांच की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है.

कहते हैं अधिकारी

सिविल सर्जन डॉ रामप्रवेश प्रसाद ने बताया कि पूर्व में 150 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर फंक्शनल थे. जिसे अब बढ़ा कर 180 किया गया है. वहीं पूर्व में 12 एचडब्लूसी पर ही संस्थागत प्रसव की सुविधा थी, जिसे भी अब बढ़ाकर 21 कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि लगातार सभी एचडब्लूसी पर स्वास्थ्य सुविधा के साथ प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं एनसीडी रि-स्क्रीनिंग की समीक्षा की जा रही है. साथ ही सभी को इसे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. समीक्षा के दौरान जहां एनसीडी रि-स्क्रीनिंग कम पाया जायेगा. वहां के संबंधित स्वास्थ्यकर्मी पर कार्रवाई की जायेगी.

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बॉक्स

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मात्र

इन एचडब्लूसी पर प्रसव की सुविधा

तारापुर – एचडब्लूसी पदभाड़ा, लखनपुर, बिहमा

खड़गपुर – एचडब्लूसी मंझगांय, बढ़ौना

धरहरा – एचडब्लूसी बंगलवा, हेमजापुर, दरियारपुर

संग्रामपुर – एचडब्लूसी पतघागड़, रामपुर, दुर्गापुर

असरगंज – एचडब्लूसी बैजलपुर

बरियारपुर – एचडब्लूसी कल्याणपुर, करहरिया

जमालपुर – एचडब्लूसी बोचाही, गढ़ीरामपुर

टेटियाबंबर – एचडब्लूसी बनौली, गंगटा

सदर प्रखंड – एचडब्लूसी हसनपुर, सोहेलचक, शंकरपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT JHA

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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