सहयोगी संस्थाओं के जाने से अब नियमित टीकाकरण में बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की परेशानी

स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था जैसे डब्लूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी के चले जाने से अब जिला स्वास्थ्य विभाग के लिये कर्मियों की कमी के बीच नियमित टीकाकरण के 95 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की परेशानी बढ़ गयी है
मुंगेर. स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था जैसे डब्लूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी के चले जाने से अब जिला स्वास्थ्य विभाग के लिये कर्मियों की कमी के बीच नियमित टीकाकरण के 95 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की परेशानी बढ़ गयी है, जबकि वर्तमान में मुंगेर जिला स्वास्थ्य विभाग नियमित टीकाकरण में 84 प्रतिशत उपलब्धि ही हासिल कर पाया है. बता दें कि जिले में नियमित टीकाकरण, पोलियो सहित अन्य कई टीकाकरण के लिये सालों से डब्लूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी जैसी संस्थाएं स्वास्थ्य विभाग के साथ कार्य कर रही थी. इसमें जहां जिले में डब्लूएचओ 14, यूनिसेफ के 6 तथा यूएनडीपी के एक कर्मी नियमित टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रहे थे, लेकिन इन सभी सहयोगी संस्थाओं का कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया और अब इन सहयोगी संस्थाओं के कर्मी भी नहीं है. हालांकि, वर्तमान में पीसीआइ और जेएसआइ जैसी संस्थाएं स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लिये कर्मियों की कमी के बीच अब नियमित टीकाकरण के 95 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने की परेशानी बढ़ गयी है. बता दें कि साल 2025 के मार्च तक ही सरकार द्वारा जिले को नियमित टीकाकरण में 95 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन एक साल बाद भी मुंगेर स्वास्थ्य विभाग वर्तमान में 84 प्रतिशत नियमित टीकाकरण का लक्ष्य ही हासिल कर पाया है. ऐसे में अब जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में नियमित टीकाकरण के मॉनिटरिंग का भार भी बढ़ गया है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ फैजुद्दीन ने बताया कि सहयोगी संस्थाओं का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो चुका है. हालांकि, टीकाकरण के शत-प्रतिशत उपलब्धि को हासिल करने के लिये कैंप मोड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है.
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