दवाओं की उपलब्धता में मुंगेर स्वास्थ्य विभाग अव्वल, रखरखाव व वितरण में पूरी तरह फेल
Updated at : 15 Mar 2026 6:30 PM (IST)
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स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं के रखरखाव और उसके वितरण में पूरी तरह विफल साबित हो रहा.
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– जिले में सप्लाई की गई टीआरए 505 सीरीज की रैबिप्राजोल दवा नहीं थी मानक के अनुरूप
– जांच मामले में निर्धारित कमिटी करती है आधी अधूरी जांचमुंगेर
मुंगेर स्वास्थ्य विभाग अपने सदर अस्पताल एवं अनुमंडल अस्पताल समेत जिले में संचालित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में मानकों के अनुरूप दवाओं की उपलब्धता के मामले में लगातार राज्य में नंबर-1 स्थान हासिल कर रहा है. लेकिन अपने स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं के रखरखाव और उसके वितरण में पूरी तरह विफल साबित हो रहा. आए दिन सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की बर्बादी या दवा के वितरण में लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है. कहीं चूहे दवाएं खा रहे तो कहीं एक्सपायरी दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं.दवा की उपलब्धता में लगातार नबंर-1 मुंगेर स्वास्थ्य विभाग
विभागीय निर्देशानुसार सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल सहित सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता का निर्धारण है. जिसके अनुसार ही इन स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता रखी जानी है. इसमें आईपीडी और ओपीडी में अलग-अलग निर्धारित दवाओं की उपलब्धता होनी है. इसमें मुंगेर स्वास्थ्य विभाग लगातार सूबे में पहले स्थान पर बना है. विभाग के अनुसार सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 90 से 95 प्रतिशत दवाएं उपलब्ध रखी जा रही है.दवाओं के रखरखाव में स्वास्थ्य विभाग बदहाल
मुंगेर स्वास्थ्य विभाग दवाओं के रखरखाव और उसके वितरण में पूरी तरह बदहाल है. जिसके कारण ही आये दिन सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं के बर्बादी या वितरण में लापरवाही के मामला सामने आते है. बीते दिनों जहां सदर प्रखंड के एचडब्लूसी जनमडिग्री में दवा फेंके जाने का मामला सामने आया था. बीते दिनों पूरे जिले में मरीजों को बांटी गयी रैब्रिपाजोल के टीआरए-505 सीरीज की दवा गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पायी गयी. पिछले साल 2025 में भी असरगंज में चूहों द्वारा दवाओं को नष्ट कर दिये जाने का मामला सामने आया था.जांच कमिटी भी करती है खानापूर्ति
दवा बर्बादी या दवा वितरण में लापरवाही को लेकर कई बार मामले सामने आते हैं. जिसे लेकर विभाग जांच कमिटी भी बनाती है, लेकिन कमिटी भी इन मामलों में आधी-अधूरी जांच ही करती है. बता दें कि एचडब्लूसी जनमडिग्री में दवा के बर्बादी और रखरखाव में लापरवाही का मामला सामने आया. जिसमें जांच कमिटी द्वारा केवल एक्सपायर दवा फेंके जाने के मामले की जांच की गयी, लेकिन सेंटर पर दवाओं के रखरखाव को लेकर जो तस्वीर सामने आयी थी. उसकी जांच नहीं की गयी. इतना ही नहीं बीते दिनों जमालपुर प्रखंड के एचडब्लूसी हलीमपुर में मरीजों को एक्पायर दवा देने का मामला भले ही जांच में झूठा पाया गया, लेकिन जांच कमिटी द्वारा इस बात की जांच नहीं की गयी कि जो एक्सपायरी दवा बांटी गयी, आखिरीकार उस सीरीज की दवा किसे आवंटित की गयी थी.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित दवाएं रखी जा रही है. साथ ही सभी को निर्देशित किया गया है कि दवाओं का रखरखाव बेहतर ढंग से किया जाये. इसके लिये समय-समय पर समीक्षा कर इसकी जानकारी ली जा रही है.————————
बॉक्स————————–
23 फरवरी 2026
– जिला औषधि विभाग द्वारा जिलाधिकारी व सिविल सर्जन को पत्र लिखा गया. जिसमें बताया गया कि बीएमएसआईसीएल द्वारा आपूर्ति की गयी टीआरए-505 सीरीज की दवा जांच के दौरान मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पायी गयी थी. जबकि जांच रिर्पोट आने से पहले ही जिले में इस दवा को बांट दिया गया था.————————-
23 अगस्त 2025 –
असरगंज प्रखंड के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैजलपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर दवा एवं आरएल सलाइन को चूहों ने कुतर कर बर्बाद कर दिया था. जिससे हजारों रूपये की जीवन रक्षक दवाएं बर्बाद हो गयी थी. वहीं मामले में संबंधित स्वास्थ्य केंद्र की एक एएनएम से स्पष्टीकरण पूछकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.————————-
8 जुलाई 2025 –
तारापुर अनुमंडल अस्पताल में वंशीपुर निवासी राहुल कुमार सिंह पत्नी शबनम कुमारी को कोलेकैल्सीफेरोल ग्रेन्यूल्स 60000 आइयू दवा का दो पाउच दिया गया. जिसमें एक पाउच दवा की एक्सपायरी जून माह में ही हो चुकी थी. जबकि बिना इसकी जांच किये मरीज को अनुमंडल अस्पताल में दवा दे दी गयी थी.—————————–
4 मई 2024 –
सदर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन में हजारों की संख्या में बच्चों को दी जाने वाली आयरन की दवा सहित अन्य दवाओं को वैसे ही छोड़ दिया गया. जो जर्जर भवन में खराब हो गयी. वहीं मामले की जांच तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार सिन्हा द्वारा अपने स्तर से की गयी थी और दवाओं का वितरण कराया गया था.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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