Munger news : मुंगेर में गंगा ने वार्निंग लेबल 38.33 को किया पार, दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिरे

जफरनगर पंचायत में बाढ़ के पानी में डूबी सड़क.
Munger news : अगर पानी बढ़ने की रफ्तार यही रही, तो दो दिनों में मुंगेर में गंगा का जल स्तर डेंजर लेबल 39.33 मीटर पर पहुंच जाएगा.
Munger news : मुंगेर में गंगा का जल स्तर शनिवार की शाम वार्निंग लेबल 38.33 मीटर को पार कर गया. इससे जिले में बाढ़ की आशंका उत्पन्न हो गयी है. इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की परेशानी भी बढ़ गयी है. एक ओर जहां गंगा के पानी से एक दर्जन से अधिक गांव व टोले घिर गये हैं, वहीं दूसरी ओर दियारा क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इसके कारण फसलों की बर्बादी शुरू हो गयी है.
अगर रफ्तार यही रही तो दो दिनों में डेंजर लेबल हो जाएगा पार
केंद्रीय जल आयोग से मिली सूचना के अनुसार, मुंगेर में 38.33 मीटर वार्निंग लेबल है. शनिवार की शाम गंगा का जल स्तर उसे पार कर गया. जल स्तर में प्रतिघंटा एक से डेढ़ सेंटीमीटर वृद्धि जारी है. रविवार को भी गंगा के जल स्तर में वृद्धि होने की संभावना जतायी गयी है. अगर पानी बढ़ने की रफ्तार यही रही, तो दो दिनों में मुंगेर में गंगा का जल स्तर डेंजर लेबल 39.33 मीटर पर पहुंच जाएगा और दियारा क्षेत्र के अलावा मुंगेर नगर निगम क्षेत्र में भी पानी प्रवेश कर जाएगा.
पानी से घिरे गांव, डूबी सड़कें
सदर प्रखंड की तीन पंचायतें जाफरनगर, कुतलुपुर और टीकारापुर पंचायत गंगा पार में हैं. इनमें 30 से अधिक गांव व टोले हैं. वार्निंग लेबल को पार करते ही बाढ़ का पानी गांवों को घेर लिया है. कुतलुपुर पंचायत के जमीनडिगरी और परोरा टोला सहित अन्य गांव व टोले बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. गंगा और गंडक का पानी मिलने से टीकारामपुर के अधिकतर गांव व टोले पानी से घिर चुके हैं. जाफरनगर पंचायत पूरी तरह से पानी से घिर गया है. बाढ़ का पानी अब गांव में घूसने को बेताब है. इतना ही नहीं जाफनगर पंचायत समेत अन्य पंचायतों के आधा दजन संपर्क पथ बाढ़ के पानी में डूब गये हैं. यहां तेज बहाव हो रहा है. इन तीनों पंचायतों के स्कूलों में तैनात शिक्षक व शिक्षिकाएं तथा स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात कर्मी रोजाना नाव से उफनती गंगा को पार कर अपने कर्तव्य स्थल पर पहुंचते हैं और संपर्क पथ पर फैले बाढ़ के पानी से होकर अपने-अपने कार्यस्थल पर जाने को विवश हैं.
सैकड़ों एकड़ खेत में घुसा पानी
वार्निंग लेबल को पार करते ही गंगा से निकल कर बाढ़ का पानी खेतों में प्रवेश कर गया है. टीकारामपुर के 22 मौजा समेत शंकरपुर मौजा, कुतलुपुर व जाफनगर मौजा, मोहली मौजा में बाढ़ का पानी घुस गया है. इसके कारण खेतों में लगी मकई, लरकटिया एवं लत्तीदार सब्जियां नेनुआ, परवल, करेला, झींगा डूब कर बर्बाद हो रही हैं. खेतों में पानी घुसने के कारण पशुचारे की भी समस्या उत्पन्न हो गयी है.
सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने की तैयारी में जुटे लोग
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने की तैयारी कर चुके हैं. बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग अपने घरों के ऊपर छत पर जहां सामान को सुरक्षित रखने लगे हैं, वहीं दियारा क्षेत्र से पशुओं को निकाल कर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखे हैं. पशुचारे को भी ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित रखा है. पशुपालकों की माने तो अगर गंगा का जल स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पशुओं के साथ ही घर-बार छोड़ कर दूसरे जगह पलायन करना पड़ेगा.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sharat Chandra Tripathi
Sharat Chandra Tripathi is a contributor at Prabhat Khabar.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




