एलपीजी संकट के बीच रेस्टोरेंट में 15-20 प्रतिशत महंगा हुआ खाना

Updated at : 05 Apr 2026 7:55 PM (IST)
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एलपीजी संकट के बीच रेस्टोरेंट में 15-20 प्रतिशत महंगा हुआ खाना

ईरान-इजराइल व अमेरिका के बीच हो रहे यु्द्ध का असर अब व्यापक रूप धारण करता जा रहा है. एक ओर जहां एलपीजी व पेट्रोलियम पदार्थों का संकट गहराता जा रहा है.

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– एलपीजी के बदले इलेक्ट्रिक इंडक्शन व कोयला भट्टी का बढ़ा इस्तेमाल

– पीएनजी के लिये 5570 उपभोक्ताओं ने कर रखा है आवेदन, मात्र 2121 को कनेक्शन

मुंगेर. ईरान-इजराइल व अमेरिका के बीच हो रहे यु्द्ध का असर अब व्यापक रूप धारण करता जा रहा है. एक ओर जहां एलपीजी व पेट्रोलियम पदार्थों का संकट गहराता जा रहा है. वहीं दूसरी ओर इस कारण खाद्य पदार्थों के मूल्य में भी वृद्धि हो रही है. खासकर सरसों तेल व रिफाइन के दाम बढ़ गये हैं. कई रेस्टोरेंट संचालक जहां अपने मेन्यू में बदलाव किया है. वहीं कोयला चूल्हा व इलेक्ट्रिक इंडक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इतना ही नहीं रेस्टोरेंट संचालकों ने खाद्य पदार्थों के मूल्य में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है.

मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध का असर लोगों के रसोई पर सीधे तौर पर हो रहा है. एक ओर जहां रसोई गैस की किल्लत खत्म नहीं हो रही और लोग इसके लिये परेशान हैं. वही दूसरी ओर खाद्य पदार्थों सरसों तेल व रिफाइन के दाम भी बढ़ने लगे हैं. सरकार व प्रशासन के निगरानी के कारण रसोई गैस के वितरण की व्यवस्था को व्यवस्थित करने का पूरजोर प्रयास किया जा रहा है, बावजूद समस्या बरकरार है, क्योंकि मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही. प्रशासनिक स्तर पर यह व्यवस्था की गयी है कि रसोई गैस लोगों के घरों तक पहुंचायी जाये, बावजूद प्रात: होते ही गैस गोदाम पर सिलिंडर लेकर लोगों की भीड़ लग रही है. मारामारी के बीच कालाबाजारी व जमाखोरी की संभावना भी लगातार बढ़ रही है. हाल ही में मुंगेर शहर में प्रशासनिक स्तर पर सदर एसडीओ द्वारा की गयी छापेमारी में 15 प्रतिष्ठानों से अवैध रूप से घरेलू रसाेई गैस इस्तेमाल करते हुए 13 सिलिंडर जब्त किये गये थे.

रेस्टोरेंट में हो रहे इंडक्शन व कोयले का इस्तेमाल

रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान सहित अन्य व्यवसायियों को व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति पूरी तरह बंद है. इस कारण अब शहर के अधिकांश रेस्टोरेंट व मिठाई की दुकान में कोयला का चूल्हा और इलेक्ट्रिक इंडक्शन का इस्तेमाल होने लगा है. यहां तक की फुटपाथ पर चाय-नाश्ते की दुकान में भी एलपीजी का उपयोग बंद हो गया है और वे भी चूल्हा पर ही नाश्ता व समोसे चाट बना रहे हैं.

एलपीजी संकट के कारण सरसों तेल व रिफाइन दाम बढ़े

एलपीजी संकट के कारण उत्पन्न समस्या से शहर के रेस्टोरेंट में मिलने वाले खाने के मूल्य में भी 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गयी है. शहर के फूड बास्केट रेस्टोरेंट के संचालक दीपक कुमार सिंह का कहना है कि एलपीजी संकट के कारण सरसों तेल, रिफाइन व मसाले के दाम बढ़ गये हैं. इस कारण मूल्य वृद्धि की गयी है. इधर, दावत रेस्टोरेंट के संचालक शशि शंकर वीरू ने कहा कि उनके यहां पीएनजी कनेक्शन से चूल्हे तो जल रहे हैं, लेकिन खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से मूल्य वृद्धि करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि चिकन लॉलीपाॅप जहां पहले 350 रुपये था. उसे बढ़ाकर 380 रुपये किया गया है, जबकि चिकन चिल्ली 220 से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति प्लेट किया गया है.

पीएनजी के नये कनेक्शन का रफ्तार धीमा

प्रशासनिक डाटा के अनुसार, मुंगेर जिले में पीएनजी कनेक्शन के लिये मुंगेर जिले में वर्तमान में 5570 आवेदन दिये गये थे. इसमें अबतक 2121 कनेक्शन ही चल रहे हैं. अभी भी 3449 पीएनजी कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं. जिलाधिकारी निखिल धनराज ने एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीएनजी के कनेक्शन का रफ्तार बढ़ायें, ताकि वर्तमान में एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके.

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कहते हैं व्यवसायी

– एलपीजी का व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिलने के कारण अब रेस्टोरेंट का संचालन पूरी तरह इलेक्ट्रिक इंडक्शन एवं कोयले के चूल्हे पर निर्भर हो गया है. इस कारण रेस्टोरेंट संचालन में परेशानी हो रही है.

दीपक कुमार सिंह, फूड बास्केट

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– एलपीजी संकट के कारण खाद्य पदार्थों का मूल्य बढ़ गया है. यहां तक की सरसों तेल व रिफाइन के मूल्य में भी वृद्धि हो गयी है. जिसका असर रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री बनाने में हो रहा है. इस कारण मूल्य वृद्धि करना पड़ा है.

शशि शंकर वीरू, दावत रेस्टोरेंट

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– व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण पिछले एक पखवाड़े से अब नाश्ते के दुकान का संचालन पूरी तरह कोयला के चूल्हे पर कर रहे हैं. गैस सिलिंडर से सामान बनाने में सहूलियत होती थी, लेकिन व्यवसाय चलाना है तो उपाय करना ही पड़ा.

रमेश कुमार, नाश्ता दुकानदार

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– दही, पनीर व खोआ बनाने के लिये पहले एलपीजी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन वर्तमान संकट में अब कोयला का चूल्हा बनाना पड़ा है. इससे परेशानी हो रही है. यहां तक की दही व पनीर के वाइटनेस में भी प्रभाव पड़ रहा है.

मनोज मिश्रा, दही-पनीर विक्रेता

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– पहले एलपीजी के सहारे समोसा-कटलेट का दुकान चला रहे थे. जब परेशानी बढ़ी तो कई दिन दुकान बंद भी करना पड़ा, लेकिन अब फिर कोयले के चूल्हे का सहारा लेकर अपना रोजी-रोटी कर रहे हैं. इसमें एलपीजी से अधिक परेशानी हो रही है.

शशि कुमार, समाेसा दुकानदार

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कहते हैं अधिकारी

मुंगेर में एलपीजी की कोई परेशानी नही है. रविवार को 3559 उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की गयी है, जबकि विभिन्न वितरकों के पास 5746 गैस सिलिंडर उपलब्ध है. पीएनजी कनेक्शन के लिये जो आवेदन लंबित है. उसे कनेक्शन देने का निर्देश दिया गया है.

मो वसीम रजा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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