खेती सिर्फ आजीविका नहीं बल्कि पूजा का भी रूप

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खेती सिर्फ आजीविका नहीं बल्कि पूजा का भी रूप

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मुंगेर. मुंगेर के पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डीपी यादव के 12वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को स्थानीय मुंगेर क्लब में श्रद्धांजलि सभा व विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. उपस्थित लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्ण अर्पित कर नमन किया. कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया. मौके पर इफको द्वारा नैनो उर्वरक प्रयोग आधारित फसल विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया. डीपी यादव फाउंडेशन एवं इफको के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डीपी यादव फाउंडेशन के चेयरपर्सन अपरा यादव, इफको के बिहार स्टेट मार्केटिंग हेड डा अशोक पालिवाल, इफ्को कर्मचारी एसोसियेशन के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार, केवीके मुंगेर के वैज्ञानिक डा मुुकेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया. इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि डीपी यादव जननेता थे. वहीं दूसरी ओर उनका कहना था कि खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि एक पूजा है. किसान धरती के सबसे बड़े उपासक हैं. उन्होंने नारा दिया था कि विज्ञान गांव की ओर हो, ताकि किसानों की मेहनत सोना बन जाये. इस मौके पर शुभेंदु, कांग्रेस नेता प्रो तारकेश्वर प्रसाद यादव, राजद के प्रमोद यादव, नवीन कुमार, विनय कर्ण, ब्रिजेंदु कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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राणा गौरी शंकर

लेखक के बारे में

By राणा गौरी शंकर

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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