दो माह के अंदर न्याय के अनुसार फैसला करें डीएम

सरकार पंचायत भवन मामले में उच्च न्यायालय ने दिये आवश्यक निर्देश, पंचायती राज अधिनियम के तहत सुनवाई की कही बात
मुंगेर. नक्सल प्रभावित महगामा पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए स्थल चयन का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया. इसमें उच्च न्यायालय ने आदेश जारी करते हुए जिलाधिकारी को दो माह के अंदर पंचायती राज अधिनियम के तहत न्याय के अनुसार फैसला करने का निर्देश दिया है. हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इस मामले की सुनवाई कर मामले का निष्पादन किया जायेगा. बताया जाता है कि महगामा पंचायत के खजुरिया निवासी शशिभूषण कुशवाहा ने 1 अक्तूबर को पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी. दायर याचिका में उन्होने पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए स्थल चयन के दौरान स्थानीय पदाधिकारियों पर विभाग की गाइडलाइन की अनदेखी करने का आरोप लगाया था. उन्होंने बताया कि पंचायतीराज विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि ग्राम पंचायत मुख्यालय में ही पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जाना है. इसके लिए पंचायत मुख्यालय में पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध होने का दावा उन्होंने अपने याचिका में किया है. परंतु स्थानीय पदाधिकारियों ने ग्राम पंचायत में पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने की बात कह कर कठोर गांव में पंचायत सरकार भवन के लिए स्थल का चयन किया. जबकि याचिकाकर्ता का कहना है कि लड़ैयाटांड़ अथवा कठोर गांव जाने के लिए पंचायत के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. इसके साथ ही वहां जाने के लिए निजी वाहन छोड़कर अन्य कोई साधन नहीं है. इससे पंचायत के लोगों को वहां आने जाने में काफी असुविधा होगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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