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छह बेड का बना है डेंगू वार्ड, बावजूद अलग-अलग वार्डों में भर्ती हो रहे मरीज

Updated at : 12 Oct 2025 6:19 PM (IST)
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छह बेड का बना है डेंगू वार्ड, बावजूद अलग-अलग वार्डों में भर्ती हो रहे मरीज

मुंगेर सदर अस्पताल में डेंगू जैसे संक्रमित बीमारी की तैयारियों का हाल यह है कि अस्पताल में डेंगू के संभावित व कंफर्म रोगी को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा है.

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मुंगेर. एक ओर जहां मुंगेर सदर अस्पताल को दो वर्षों में करोड़ों के आधारभूत संचरना मिले हैं, वहीं बाढ़ और बारिश के बाद सरकार द्वारा डेंगू संक्रमण की आंशका को लेकर पूर्व में ही तैयारी रखने का निर्देश दिया गया था, लेकिन मुंगेर सदर अस्पताल में डेंगू जैसे संक्रमित बीमारी की तैयारियों का हाल यह है कि अस्पताल में डेंगू के संभावित व कंफर्म रोगी को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा है. जहां डेंगू मरीजों को मच्छरदानी तक नहीं मिलती है, जिसके कारण ही सदर अस्पताल में डेंगू के संभावित व कंफर्म मरीज इलाज कराने से कतरा रहे हैं.

पिछले दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष काफी कम हैं डेंगू के मामले

बाढ़ व बारिश के बाद सितंबर माह से ही जिले में डेंगू संक्रमण के मामले आरंभ हो चुके हैं, हालांकि पिछले दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष डेंगू के मामले काफी कम हैं. बता दें कि सितंबर माह से अबतक सदर अस्पताल में संभावित कुल 21 मरीज इलाज के लिए भर्ती हुए. जिसमें से सात मरीज एलाइजा जांच में डेंगू के कंफर्म मरीज पाये गये. वहीं सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए महिला वार्ड के पास छह बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है, लेकिन यहां डेंगू की संभावित व कंफर्म महिला मरीजों के साथ अन्य बीमारी से पीड़ित महिला मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, जबकि डेंगू के कंफर्म व संभावित पुरुष मरीजों को मॉडल अस्पताल में बने पुरुष मेडिकल वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ भर्ती किया जा रहा है, जिससे खुद अस्पताल में डेंगू फैलने का खतरा मरीजों में बना रहता है.

बदहाल व्यवस्था के बीच इलाज कराने से कतरा रहे डेंगू के मरीज

डेंगू जैसे संक्रमित बीमारी को लेकर बदहाली का आलम यह है कि यहां डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाने के बाद भी जहां मरीजों को अलग-अलग वार्ड में भर्ती किया जा रहा है. वहीं वार्ड में डेंगू के संभावित व कंफर्म मरीजों को मच्छरदानी तक नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण डेंगू के संभावित व कंफर्म मरीज सदर अस्पताल में इलाज कराने से कतरा रहे हैं. सितंबर से अबतक सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए कुल 21 मरीजों में एक भी मरीज इलाज होने तक नहीं रुके. प्रत्येक मरीज एनएस-1 पॉजिटिव या एलाइजा पॉजिटिव पाये जाने के बाद अस्पताल से चले गये. वर्तमान में सदर अस्पताल में डेंगू के दो संभावित मरीज हैं, जिसमें एक महिला संभावित मरीज महिला वार्ड में बने डेंगू वार्ड में बिना मच्छरदानी के ही भर्ती है, जबकि एक संभावित मरीज पुरुष वार्ड में 10 अक्तूबर से ही भर्ती है.

अन्य मरीजों में संक्रमण बढ़ने की आंशका

सदर अस्पताल में डेंगू संक्रमण को लेकर बदहाली का आलम यह है कि डेंगू वार्ड में डेंगू के संभावित व कंफर्म मरीजों के साथ अन्य बीमारियों के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. रविवार को महिला वार्ड के पास बने डेंगू वार्ड में जहां लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा की एक डेंगू संभावित मरीज भर्ती थी. वहीं वार्ड में एक एनिमिक मरीज को भी भर्ती किया गया था, जबकि पिछले तीन दिनों से पुरुष मेडिकल वार्ड में दर्जनों सामान्य मरीज के साथ धरहरा का एक डेंगू संभावित मरीज भी भर्ती है.

डेंगू के संभावित व कंफर्म मरीजों के लिए छह बेड का डेंगू वार्ड है, जहां मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. कई बार प्लेटलेट्स कम होने के बाद भी मरीज एनएस-1 पॉजिटिव नहीं होते हैं. ऐसे मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जाता है. उन्होंने कहा कि मरीज को मच्छरदानी नहीं दिया जा रहा है तो इसकी जानकारी ली जायेगी.

डॉ निरंजन कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पतालB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By AMIT JHA

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