रात में झाड़ू लेकर सफाई के लिए निकल जाते हैं सड़क पर

Updated at :24 Apr 2017 5:53 AM
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रात में झाड़ू लेकर सफाई के लिए निकल जाते हैं सड़क पर

अपनी धुन में मनोज, औरों को दे रहे सीख पत्नी प्रोफेसर, खुद भी हैं केंद्रीय विद्यालय में प्राध्यापक कहा: जब विदेशों में लोग गांधी के कार्यों से प्रभावित हो सकते हैं, तो हम खुद प्रयोग क्यों नहीं कर सकते मुंगेर/भागलपुर : न कोई कोलाहल, न चर्चा में आने की चाहत. बस धुन एक ही कि […]

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अपनी धुन में मनोज, औरों को दे रहे सीख

पत्नी प्रोफेसर, खुद भी हैं केंद्रीय विद्यालय में प्राध्यापक
कहा: जब विदेशों में लोग गांधी के कार्यों से प्रभावित हो सकते हैं, तो हम खुद प्रयोग क्यों नहीं कर सकते
मुंगेर/भागलपुर : न कोई कोलाहल, न चर्चा में आने की चाहत. बस धुन एक ही कि हम आगे बढ़ेंगे, तो लोग बढ़ेंगे. लोग बढ़ेंगे तो देश बढ़ेगा. कुछ ऐसी ही है जमालपुर केंद्रीय विद्यालय में केमेस्ट्री के अध्यापक मनोज कुमार की सोच. हम जब रात के समय घर की टीवी स्क्रीन पर कोई पसंदीदा सीरियल देख रहे होते हैं या फिर सोने की तैयारी में रहते हैं, तो मनोज सड़क पर सफाई में लगे रहते हैं.
रात में झाड़ू…
इतना ही नहीं मनोज आसपास की दुकान की दीवार पर हाथ से लिखे पोस्टर चिपका कर कूड़े को कूड़ेदानी में डालने के लिए लोगों से अपील भी करते हैं. मनोज मुंगेर जिले के जमालपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में केमेस्ट्री के अध्यापक हैं, जबकि उनकी पत्नी मदन अहल्या महाविद्यालय नवगछिया में प्रोफेसर हैं.
जमालपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में अध्यापन के बाद वे भागलपुर आ जाते हैं. भीखनपुर में उनका आवास है. रात में आठ बजे के बाद मनोज हाथ में भीखनपुर गुमटी नंबर दो में त्रिमूर्ति चौक के पास झाड़ू लेकर आ जाते हैं. सड़क पर जमा कूड़े को साफ करते हैं. मनोज का मानना है कि ऐसा करने से उन्हें आत्मसंतुष्टि मिलती है. दिन भर अध्यापन में रहते हैं. रात में जो वक्त उन्हें मिलता है, उसे समाज के लिए समर्पित कर देते हैं. मनोज का मानना है कि विदेश में लोग गांधी के कार्यों से प्रभावित हो सकते हैं,
तो हम खुद प्रयोग क्यों नहीं कर सकते. कुछ भी पूछे जाने पर वे सिर्फ इतना ही कहते हैं कि किसी से आग्रह नहीं करता कि वह मेरे साथ जुड़े और न ही कभी किसी से बोलूंगा. लोगों का स्वभाव है कि गंदगी करेंगे, मैं झाड़ू लगाता रहूंगा. जब विदेशों में लोग गांधी के कार्यों से प्रभावित हो सकते हैं, तो हम खुद प्रयोग क्यों नहीं कर सकते. मैं नहीं जानता कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं, पर ऐसा करने से मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है. फिलहाल तो मनोज अपनी धुन में लगे हैं, लेकिन उनकी यह धुन कइयों को सीख देती है.
पीएम के स्वच्छता संदेश को मिल कर बनायेंगे सफल
स्वच्छता ही पूरे देश को एक प्लेटफार्म पर जोड़ेगा. सभी धर्म व संप्रदाय में स्वच्छता को प्रमुख स्थान दिया गया है. इसलिए जरूरी है कि सभी लोग इसे व्यक्तिगत रूप में अपने जीवन में आत्मसात करें. सबों का दायित्व है कि वे इस अभियान से जुड़े. मैंने भीखनपुर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया है
और इसे स्वच्छता का मिशाल बना कर पूरे भागलपुर को स्वच्छ बनायेंगे. आज गंदगी के कारण अनेक प्रकार की बीमारियां हो रही है. जिससे एक ओर जहां लोग शारीरिक रूप से पीड़ित हो रहे है वहीं चिकित्सकीय खर्च भी बढ़ता हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वच्छता का संदेश दिया है. जिसे हम सब मिल कर सफल बनायेंगे.
मनोज कुमार, केंद्रीय विद्यालय, जमालपुर
भागलपुर िस्थत भिखनपुर गुमटी के समीप ित्रमूर्ति चौक के पास रात 7.30 बजे झाड़ू लगाते मनोज कुमार.
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