सिजेरियन प्रसव के लिए 16 घंटे तक करना पड़ा इंतजार
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :22 Apr 2017 8:52 AM
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सदर अस्पताल में जच्चे- बच्चे की सुरक्षा भगवान भरोसे, पूर्व की घटनाओं से भी अस्पताल प्रबंधन सतर्क नहीं मुंगेर. एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग सुरक्षित प्रसव को लेकर तरह-तरह के दावे कर रही है़ वहीं दूसरी तरफ सदर अस्पताल के प्रसव केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले साबित होते रहे हैं. यहां का प्रसव […]
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सदर अस्पताल में जच्चे- बच्चे की सुरक्षा भगवान भरोसे, पूर्व की घटनाओं से भी अस्पताल प्रबंधन सतर्क नहीं
मुंगेर. एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग सुरक्षित प्रसव को लेकर तरह-तरह के दावे कर रही है़
वहीं दूसरी तरफ सदर अस्पताल के प्रसव केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के दावे खोखले साबित होते रहे हैं. यहां का प्रसव केंद्र जच्चा-बच्चा के लिए परेशानी का सबब बन चुका है़ जिसकी झलक पिछले जनवरी माह में भी दिख चुकी है़ बावजूद अस्पताल प्रबंधन सुरक्षित प्रसव को लेकर उदासीन बनी हुई है़
सदर प्रखंड के सीताकुंड डीह निवासी पिंटू मंडल की पत्नी रिंकू देवी (नि:शक्त) प्रसव के लिए गुरुवार की शाम सदर अस्पताल पहुंची़ जिसे चिकित्सकीय जांचोपरांत सिजेरियन विधि से प्रसव कराने की सलाह दी गयी़ इसके बाद से वह रात भर इंतजार करती रही़ सुबह होते ही वह महिला सर्जिकल वार्ड के समीप बने ऑपरेशन थियेटर के गेट पर पहुंच गयी तथा वेटिंगचेयर पर बैठ कर ओटी खुलने का इंतजार करने लगी़ 12:30 बजे ओटी का ताला खोला गया़ बावजूद उसे काफी देर तक प्रसव के लिए इंतजार करना पड़ा़ इतने देर तक न तो ओटी में चिकित्सक पहुंचे और न ही स्टाफ नर्स ही़ दोपहर बाद रिंकु का सिजिरियन विधि से प्रसव कराया गया़ ऊपर वाले का शुक्र था कि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित है़
पूर्व में जा चुकी है जच्चे- बच्चे की जान : प्रसव कार्य में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही तथा उदासीनता के कारण इसी साल जनवरी माह में दो घटना हो चुकी है़ पांच जनवरी को पूरबसराय की एक गर्भवती महिला को भी प्रसव के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, जिसका पहले तो गर्भ में बच्चे की मौत हो गयी तथा चिकित्सक की लापरवाही के कारण महिला की भी मौत हो गयी़ वहीं 19 जनवरी को शहर के गार्डन बाजार निवासी मो मुस्तकीम की पत्नी पिंकी को सदर अस्पताल के प्रसव केंद्र में भरती कराया था़ जिसके बाद नर्स ने गर्भवती महिला को दो इंजेक्शन लगा दिया़ इंजेक्शन लगाते ही गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा शांत हो गयी तथा कुछ देर बाद पता चला कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है.
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