मूल्यांकन को 232 शिक्षकों का योगदान, पहुंचे सिर्फ 10

Updated at :12 Apr 2017 4:33 AM
विज्ञापन
मूल्यांकन को 232 शिक्षकों का योगदान, पहुंचे सिर्फ 10

विद्यालयों से विरमित शिक्षक नियमों की उड़ा रहे हैं धज्जियां, शिक्षा विभाग बेखबर मुंगेर : एक ओर जहां पिछले 27 दिनों से वित्त कर्मियों द्वारा इंटर परीक्षा की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी है़ वहीं पिछले 11 दिनों से मैट्रिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का भी मूल्यांकन बहिष्कार लगातार चल रहा है़ ऐसे में न […]

विज्ञापन

विद्यालयों से विरमित शिक्षक नियमों की उड़ा रहे हैं धज्जियां, शिक्षा विभाग बेखबर

मुंगेर : एक ओर जहां पिछले 27 दिनों से वित्त कर्मियों द्वारा इंटर परीक्षा की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी है़ वहीं पिछले 11 दिनों से मैट्रिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का भी मूल्यांकन बहिष्कार लगातार चल रहा है़ ऐसे में न सिर्फ मूल्यांकन का कार्य बाधित है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी ग्रहण लग गया है़ वहीं दो अलग- अलग केंद्रों पर मूल्यांकन को लेकर योगदान देने के बावजूद भी शिक्षक केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जो शिक्षक केंद्रों पर योगदान देने के बावजूद भी मूल्यांकन का कार्य नहीं कर रहे, वे कहां जा रहे हैं.
शिक्षक नियम का कर रहे उल्लंघन. मूल्यांकन कार्य के लिए अब तक दो केंद्रों पर 232 शिक्षकों ने अपना योगदान दिया है़, लेकिन योगदान देने के बावजूद शिक्षक मूल्यांकन कार्य के लिए संबंधित केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं. जाहिर है कि शिक्षकों ने संबंधित विद्यालयों से विरमित होने के बाद ही मूल्यांकन केंद्रों पर अपना योगदान दिया़
अब तब तक शिक्षकों को संबंधित मूल्यांकन केंद्र से विरमित नहीं किया जाता, तब तक वह अपने विद्यालय में योगदान नहीं कर सकते हैं. ऐसे शिक्षकों का यदि मन होता है कि वे अपने विद्यालय जाये तो जाते हैं और मन नहीं होता है तो नहीं जाते हैं, लेकिन इस संबंध में शिक्षा विभाग शायद बेखबर है़ तभी तो ऐसे शिक्षकों के मनमानी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है़
आखिर 10 शिक्षक ही क्यों कर रहे मूल्यांकन . प्रधानाध्यापिका सरस्वती कुमारी के अनुसार बैजनाथ राजकीय बालिका उच्च विद्यालय में 70639 उत्तर- पुस्तिका का मूल्यांकन किया जाना है़ इसके लिए 42 प्रधान परीक्षक तथा 272 सहायक परीक्षक को केंद्र पर योगदान देना था, लेकिन अब तक यहां पर 22 प्रधान परीक्षक तथा 137 सहायक परीक्षक ने ही अपना योगदान दिया है, लेकिन योगदान देने वाले परीक्षकों में से एक भी मूल्यांकन का कार्य नहीं कर रहे हैं.
योगदान देने वाले शिक्षकों को केंद्र से विरमित भी नहीं किया गया़ वहीं जिला स्कूल मूल्याकंन अधीक्षक प्रभारी प्राचार्य मो इस्माइल के अनुसार जिला स्कूल में कुल 95000 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है़ इसके लिए कुल 32 प्रधान परीक्षक तथा 153 सहायक परीक्षकों को केंद्र पर योगदान देना था,
लेकिन अब तक यहां कुल 6 प्रधान परीक्षक तथा 67 सहायक परीक्षकों ने ही अपना योगदान दिया है़, लेकिन इनमें से 10 शिक्षक ही मूल्यांकन का कार्य कर रहे हैं. जिसके बदौलत अब तक लगभग 6000 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो पाया है़ वहीं मॉडल उच्च विद्यालय तथा टॉउन उच्च विद्यालय में अब तक एक भी शिक्षकों ने अपना योगदान नहीं दिया है़
3,15,639 छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
एक ओर जहां शिक्षक अपनी मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार पर अड़े हुए हैं. वहीं 3,15,639 छात्र- छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसके दोषी चाहे जो कोई भी हों. समय पर रिजल्ट नहीं आने से न तो छात्रों का नामांकन समय पर हो पायेगा और न ही वह ससमय नये सत्र की पढ़ाई ही आरंभ कर पायेगा़ मालूम हो कि जिले में कुल 1,65,639 उत्तरपुस्तिका इंटर परीक्षा- 2017 की तथा 1,18,000 उत्तरपुस्तिका मैट्रिक परीक्षा की भेजी गयी है, जो बोरियों में यूं ही बंद पड़े हुए हैं. न तो सरकार कोई ठोस कदम उठा रहे और न ही शिक्षकों के संघ द्वारा ही मूल्यांकन को लेकर साकारात्मक पहल किया जा रहा है़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन